अंतिम-32 में भिड़ेंगी दो दिग्गज टीमें, स्पेन बनाम ऑस्ट्रिया मुकाबले में भी रहेगी युवा स्टार लैमिने यामाल पर नजर
यूरोप फुटबॉल टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण में आज फुटबॉल प्रेमियों को दो हाई-वोल्टेज मुकाबले देखने को मिलेंगे। सबसे बड़ा आकर्षण पुर्तगाल और क्रोएशिया के बीच होने वाला अंतिम-32 का मुकाबला होगा, जहां दो अनुभवी और मजबूत टीमें आमने-सामने होंगी। वहीं दूसरे मैच में स्पेन की भिड़ंत ऑस्ट्रिया से होगी।
रोनाल्डो और मोड्रिक के बीच ऐतिहासिक मुकाबला
आज का मुकाबला सिर्फ नॉकआउट मुकाबला ही नहीं, बल्कि इतिहास रचने का भी मौका होगा। पुर्तगाल के कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो (41 वर्ष) और क्रोएशिया के कप्तान लुका मोड्रिक (40 वर्ष) पहली बार किसी विश्व कप नॉकआउट मुकाबले में 40 वर्ष से अधिक उम्र के दो आउटफील्ड खिलाड़ियों के रूप में आमने-सामने उतर सकते हैं।
दोनों दिग्गज खिलाड़ी अब भी अपनी-अपनी टीमों की सबसे बड़ी ताकत माने जाते हैं और करोड़ों प्रशंसकों की निगाहें उनके प्रदर्शन पर टिकी होंगी।

रियल मैड्रिड के पुराने साथी अब होंगे आमने-सामने
क्रिस्टियानो रोनाल्डो और लुका मोड्रिक करीब छह सीजन तक रियल मैड्रिड के लिए साथ खेल चुके हैं। इस दौरान दोनों ने क्लब को कई बड़ी सफलताएं दिलाईं और चार यूईएफए चैंपियंस लीग खिताब जीतने में अहम भूमिका निभाई।
अब वही दोनों दिग्गज अलग-अलग देशों की जर्सी में एक-दूसरे के खिलाफ मैदान पर उतरेंगे, जिससे मुकाबला और भी रोमांचक होने वाला है।
पुर्तगाल को रोनाल्डो से बड़ी उम्मीद
ग्रुप चरण में पुर्तगाल को कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा, लेकिन अब टीम के कप्तान क्रिस्टियानो रोनाल्डो शानदार लय में लौट चुके हैं। नॉकआउट मुकाबले में उनकी मौजूदगी पुर्तगाल के लिए सबसे बड़ा हथियार साबित हो सकती है।
दूसरी ओर, क्रोएशिया की टीम अपने अनुभव और बड़े मैचों में शानदार प्रदर्शन के लिए जानी जाती है। ऐसे में मुकाबला बेहद कांटे का रहने की उम्मीद है।
स्पेन के सामने ऑस्ट्रिया की चुनौती
दिन के दूसरे बड़े मुकाबले में स्पेन की टीम ऑस्ट्रिया के खिलाफ मैदान पर उतरेगी। स्पेन ने अब तक टूर्नामेंट में एक भी गोल नहीं खाया है और शानदार डिफेंस के दम पर लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है।
2010 की विश्व चैंपियन स्पेन लगातार तीसरी बार अंतिम-16 में जगह बनाने के इरादे से उतरेगी, लेकिन ऑस्ट्रिया को हल्के में लेना उसके लिए भारी पड़ सकता है।
लैमिने यामाल पर रहेंगी सभी की नजरें
स्पेन के युवा स्टार लैमिने यामाल इस टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म में हैं। उनकी रफ्तार, ड्रिब्लिंग और गोल बनाने की क्षमता स्पेन के आक्रमण की सबसे बड़ी ताकत बन चुकी है।
स्पेन ने अब तक टूर्नामेंट में पांच गोल किए हैं, जिनमें से तीन में यामाल का सीधा योगदान रहा है। यदि निको विलियम्स उपलब्ध नहीं रहते हैं, तो टीम की आक्रामक जिम्मेदारी काफी हद तक यामाल पर होगी।
ऑस्ट्रिया उलटफेर के इरादे से उतरेगा
करीब 28 साल बाद विश्व कप में वापसी करने वाली ऑस्ट्रिया की टीम शानदार लय में है। टीम की उम्मीदें स्टार मिडफील्डर मार्सेल साबिट्जर पर टिकी होंगी, जो किसी भी समय मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं।
दोनों मुकाबलों के नतीजे तय करेंगे कि कौन-सी टीमें अगले दौर में जगह बनाएंगी और किन दिग्गजों का सफर यहीं समाप्त होगा।

