IND A vs SL A Final: वैभव सूर्यवंशी की तूफानी 94 रन की पारी, भारत-ए ने श्रीलंका-ए को हराकर जीती त्रिकोणीय सीरीज

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भारत-ए ने रांगिरी दांबुला इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले गए त्रिकोणीय सीरीज के फाइनल मुकाबले में श्रीलंका-ए को 66 रन से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। भारत-ए, श्रीलंका-ए और अफगानिस्तान-ए के बीच आयोजित इस टूर्नामेंट के फाइनल में 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से सभी का ध्यान खींच लिया। वैभव ने सिर्फ 29 गेंदों में 94 रन की शानदार पारी खेलकर भारत की जीत की नींव रखी।

वैभव सूर्यवंशी ने खेली तूफानी पारी

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारत-ए को वैभव सूर्यवंशी और प्रियांश आर्य ने धमाकेदार शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए केवल 53 गेंदों में 132 रन जोड़ दिए। वैभव ने महज 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे तेज फिफ्टी का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

युवा बल्लेबाज ने 29 गेंदों में 94 रन बनाए, जिसमें 10 चौके और 8 छक्के शामिल रहे। हालांकि वह शतक से सिर्फ 6 रन दूर रह गए, लेकिन उनकी पारी मैच का सबसे बड़ा आकर्षण रही।

भारत-ए ने खड़ा किया 377 रन का विशाल स्कोर

वैभव के आउट होने के बाद कप्तान तिलक वर्मा ने पारी को संभाला। उन्होंने ऋतुराज गायकवाड़ के साथ तीसरे विकेट के लिए 84 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। गायकवाड़ ने 40 रन बनाए, जबकि तिलक वर्मा ने 90 गेंदों पर 67 रन की कप्तानी पारी खेली।

इसके अलावा कुमार कुशाग्र (36), अनुकूल रॉय (39), विपराज निगम (27) और निशांत संधु (16) ने उपयोगी योगदान दिया। निर्धारित 50 ओवर में भारत-ए ने 9 विकेट खोकर 377 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।

श्रीलंका-ए की टीम 311 रन पर हुई ढेर

378 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका-ए की शुरुआत अच्छी नहीं रही और टीम ने 75 रन तक तीन विकेट गंवा दिए। इसके बाद सदीरा समरविक्रमा ने 52 रन और कप्तान सहान अराच्चिगे ने 38 रन बनाकर संघर्ष किया।

मध्यक्रम में वानुजा सहान ने 62 रन और विजयकांत वियासकांत ने 39 रन की पारी खेलकर मुकाबले में वापसी की कोशिश की। दोनों के बीच सातवें विकेट के लिए 77 रन की साझेदारी हुई, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने दबाव बनाए रखा और पूरी टीम को 47.1 ओवर में 311 रन पर समेट दिया।

यश ठाकुर और विपराज निगम ने गेंद से किया कमाल

भारत-ए की ओर से गेंदबाजी में यश ठाकुर और विपराज निगम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तीन-तीन विकेट झटके। अनुकूल रॉय ने दो विकेट लिए, जबकि अशोक शर्मा और तिलक वर्मा को एक-एक सफलता मिली।

युवा सितारे ने फिर जीता दिल

फाइनल मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी की विस्फोटक बल्लेबाजी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारतीय क्रिकेट को भविष्य का एक बड़ा सितारा मिल चुका है। शतक से चूकने के बावजूद उनकी 94 रन की पारी भारत-ए की खिताबी जीत की सबसे बड़ी वजह बनी।

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