ग्लोबल संकट के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था की तेज रफ्तार, पहली तिमाही में 7.8% रही GDP ग्रोथ

Thecity news
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दुनिया इस समय युद्ध, सप्लाई चेन की चुनौतियों और आर्थिक मंदी जैसी मुश्किलों से जूझ रही है। इसके बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने मजबूत प्रदर्शन किया है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में देश की जीडीपी ग्रोथ 7.8 फीसदी दर्ज की गई। सरकार ने इसे देशवासियों की मेहनत, एकजुटता और सामूहिक संकल्प का नतीजा बताया है।

वैश्विक स्तर पर जारी आर्थिक और भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच भारत ने विकास की अपनी रफ्तार बनाए रखी है। कोविड संकट के बाद से दुनिया में लगातार अस्थिरता बनी हुई है। युद्ध, सप्लाई चेन में व्यवधान और आर्थिक अनिश्चितता जैसी चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है।

निराशा फैलाने वालों को कड़ा जवाब

सरकार ने आर्थिक प्रदर्शन का श्रेय देशवासियों की संकल्प शक्ति को दिया है। सरकार का कहना है कि देश के भीतर कुछ लोग ‘झूठ की गूंज’ के सहारे निराशा का माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन 140 करोड़ भारतीयों की एकजुटता देश को लगातार नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है।

साल 2020 में आए कोविड संकट के बाद वैश्विक अर्थव्यवस्था के सामने लगातार नई चुनौतियां आई हैं। इसके बावजूद भारत ने हर बाधा को पार करते हुए विकास की रफ्तार बनाए रखी है। सरकार के मुताबिक, अर्थव्यवस्था का मजबूत प्रदर्शन देश की सामूहिक शक्ति और आम जनता की भागीदारी का परिणाम है।

स्वदेशी पर जोर, विदेशी शादियों से बचने की अपील

विकास की इस रफ्तार को बनाए रखने के लिए सरकार ने आत्मनिर्भर भारत पर जोर दिया है। लोगों से ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘मेक इन इंडिया’ को अपनाने की अपील की गई है।

इसके साथ ही बेवजह विदेश यात्रा करने और विदेशों में डेस्टिनेशन वेडिंग आयोजित करने से बचने की सलाह दी गई है। सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि अगर बहुत जरूरी न हो तो सोना खरीदने से परहेज किया जाए। सरकार का मानना है कि स्वदेशी को बढ़ावा देकर देश आजादी के 100वें वर्ष तक युवाओं के लिए विकसित भारत की मजबूत नींव तैयार कर सकता है।

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने दर्ज की 9.2% ग्रोथ

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी जीडीपी के आंकड़ों पर खुशी जताई है। अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना से प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा सिर्फ एक नंबर नहीं है, बल्कि अर्थव्यवस्था के अलग-अलग क्षेत्रों में हो रही वृद्धि को दिखाता है।

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर ने 9.2 फीसदी की शानदार ग्रोथ दर्ज की है। वैश्विक चुनौतियों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था का 7.8 फीसदी की दर से बढ़ना देश में हो रही आर्थिक गतिविधियों और भारतीयों की मेहनत को दर्शाता है।

पुराने कानून खत्म होने से कारोबार का भरोसा बढ़ा

भारतीय अर्थव्यवस्था की इस ग्रोथ में राज्यों की भूमिका भी अहम रही है। कारोबार को आसान बनाने के लिए सरकार ने नागरिकों और उद्योगों पर कंप्लायंस का बोझ कम करने की दिशा में कई कदम उठाए हैं।

सरकार के मुताबिक, करीब एक हजार पुराने कानूनों को खत्म किया गया है और 40 हजार से ज्यादा नियमों को आसान बनाया गया है। उद्योग जगत के साथ लगातार बातचीत के जरिए कारोबारी माहौल बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है।

इसके अलावा भारत दूसरे देशों के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते कर रहा है। विदेशी निवेश और अनिवासी भारतीयों का पैसा भी लगातार भारतीय बैंकों में आ रहा है। सरकार इसे भारतीय बैंकिंग सिस्टम और देश की अर्थव्यवस्था में बढ़ते भरोसे का संकेत मान रही है।

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