कोच्चि की 200 साल पुरानी विरासत पर संकट, भीषण आग में जलकर खाक हुआ कोडर हाउस

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फोर्ट कोच्चि में 1808 में बनी इंडो-पुर्तगाली शैली की ऐतिहासिक हवेली में मंगलवार शाम आग लगी, मेहमानों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

कोच्चि, 30 सितंबर।

केरल के एर्नाकुलम स्थित फोर्ट कोच्चि का ऐतिहासिक कोडर हाउस मंगलवार शाम भीषण आग की चपेट में आ गया। टॉवर रोड पर स्थित यह करीब दो सदी पुरानी इंडो-पुर्तगाली शैली की लाल ईंटों वाली हवेली कोच्चि की यहूदी विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है। बाद में इसे लग्जरी बुटीक होटल के तौर पर संचालित किया जा रहा था।

आग शाम करीब 7 बजे इमारत की ऊपरी मंजिलों में से एक में लगी और देखते ही देखते दूसरे हिस्सों तक फैल गई। आग की लपटें दिखाई देने के बाद होटल में मौजूद कुछ मेहमानों और कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। फायर एंड रेस्क्यू सर्विस की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का अभियान शुरू किया।

1808 में बनी थी ऐतिहासिक हवेली

कोडर हाउस का निर्माण मूल रूप से 1808 में हुआ था। यह पुर्तगाली शैली में बनी ऐतिहासिक हवेली थी, जिसे बाद में इंडो-पुर्तगाली वास्तुकला के अनुरूप विकसित किया गया। वर्ष 1905 में सैमुअल एस. कोडर ने इसे खरीदा और इसका नवीनीकरण कराया।

सैमुअल एस. कोडर कोच्चि के एक प्रमुख यहूदी परिवार से ताल्लुक रखते थे और नीदरलैंड के मानद वाणिज्य दूत भी रहे थे। यह इमारत कई वर्षों तक कोडर परिवार के पास रही, जिसके बाद तीसरी पीढ़ी ने इसे बेच दिया।

समुद्र के नजारे और लकड़ी की नक्काशी के लिए थी मशहूर

कोडर हाउस अपने बड़े कमरों, समुद्र के नजारे, लकड़ी के फर्श और नक्काशीदार लकड़ी के फर्नीचर के लिए जाना जाता था। फोर्ट कोच्चि की ऐतिहासिक पहचान और यहां की यहूदी विरासत से जुड़ी इस इमारत को बाद में बुटीक होटल के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था।

आग से इमारत को व्यापक नुकसान पहुंचा है। आग लगने के कारणों और संपत्ति को हुए नुकसान का आकलन संबंधित एजेंसियों की जांच के बाद स्पष्ट होगा।

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