मुंबई-बेंगलुरु का सफर 16 घंटे में होगा पूरा, 3 नवंबर से दौड़ेगी नई वंदे भारत

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पहली वंदे भारत शयनयान एक्सप्रेस में 823 बर्थ होंगी, ट्रेन मुंबई से बेंगलुरु के बीच आठ मध्यवर्ती स्टेशनों पर रुकने के लिए प्रस्तावित है।

मुंबई और बेंगलुरु के बीच रेल यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए नई सुविधा शुरू होने जा रही है। दोनों शहरों के बीच पहली वंदे भारत शयनयान एक्सप्रेस की नियमित सेवा 3 नवंबर से शुरू होगी। इससे करीब 24 घंटे का सफर घटकर लगभग 16 घंटे में पूरा होने की उम्मीद है। ट्रेन का उद्घाटन 1 नवंबर को किया जाएगा।

यह ट्रेन छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (सीएसएमटी) से सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनस, बेंगलुरु के बीच चलेगी। लंबी दूरी की यात्रा को ध्यान में रखकर तैयार की गई इस ट्रेन में आधुनिक सुविधाओं के साथ यात्रियों की सुरक्षा और आराम का भी विशेष ध्यान रखा गया है।

16 डिब्बों में 823 बर्थ की व्यवस्था

वंदे भारत शयनयान एक्सप्रेस में कुल 16 वातानुकूलित डिब्बे होंगे। इनमें तीसरी श्रेणी वातानुकूलित के 11, दूसरी श्रेणी वातानुकूलित के चार और पहली श्रेणी वातानुकूलित का एक डिब्बा शामिल है। पूरी ट्रेन में कुल 823 बर्थ उपलब्ध होंगी।

यात्रियों को मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चार्ज करने के लिए पॉइंट, पढ़ने के लिए अलग लाइट और सामान रखने की पर्याप्त जगह मिलेगी। ट्रेन में स्वचालित दरवाजे, आधुनिक सूचना प्रणाली और सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं।

आपात स्थिति में भी मिलेगी मदद

आपातकालीन स्थिति में यात्री रेलवे कर्मचारियों से संपर्क कर सकें, इसके लिए टॉकबैक प्रणाली लगाई गई है। पहली श्रेणी वातानुकूलित के अलग कूपे में कर्मचारियों को बुलाने के लिए बटन की सुविधा होगी। दिव्यांग यात्रियों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है।

इसके अलावा आग से बचाव के लिए अग्नि सुरक्षा प्रणाली और धुआं पहचानने वाले उपकरण लगाए गए हैं।

इन आठ स्टेशनों पर प्रस्तावित ठहराव

मुंबई से बेंगलुरु के बीच इस ट्रेन के आठ मध्यवर्ती स्टेशनों पर रुकने का प्रस्ताव है। इनमें कल्याण, पुणे, सोलापुर, कलबुर्गी, यादगीर, रायचूर, गुंतकल और अनंतपुर शामिल हैं।

फिलहाल इस मार्ग पर चलने वाली उद्यान एक्सप्रेस को मुंबई से बेंगलुरु पहुंचने में करीब 22 से 24 घंटे लगते हैं। नई वंदे भारत शयनयान एक्सप्रेस से छह से आठ घंटे तक की बचत होने की उम्मीद है।

हालांकि, ट्रेन का नियमित समय, ठहराव और अन्य परिचालन संबंधी विवरण रेलवे प्रशासन की आधिकारिक घोषणा के बाद स्पष्ट होंगे।

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