SIR पर बयान देकर घिरे कर्नाटक के मंत्री ने बदला रुख, अब मीडिया पर लगाया आरोप

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सतीश जारकीहोली ने पहले एसआईआर प्रक्रिया को सही बताया था, अब कहा कि फॉर्म-7 के जरिए कांग्रेस समर्थकों के नाम हटाने की साजिश हुई है।

कर्नाटक में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया को सही ठहराकर विवादों में आए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) मंत्री सतीश जारकीहोली ने अब अपने बयान पर सफाई दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर कहा कि मीडिया ने उनकी बात को तोड़-मरोड़कर पेश किया।

मंत्री ने दावा किया कि फॉर्म-7 के जरिए बीजेपी ने बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार जिस संघर्ष को आगे बढ़ा रहे हैं, उसमें वह भी शामिल हैं।

पहले एसआईआर को पूरे देश में लागू करने की कही थी बात

इससे पहले सतीश जारकीहोली ने एसआईआर प्रक्रिया को सही बताया था। उन्होंने कहा था कि कर्नाटक में एसआईआर के तहत मतदाता सूची से करीब एक करोड़ नाम हटाए गए हैं और यह सही है।

उनके मुताबिक, जिन लोगों की मौत हो चुकी है, जो दूसरी जगह चले गए हैं या जिनके नाम मतदाता सूची में दो बार दर्ज हैं, उनके नाम हटाना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा था कि कर्नाटक में जिस तरह एसआईआर की प्रक्रिया अपनाई गई, वैसी ही प्रक्रिया पूरे देश में लागू होनी चाहिए।

अब मंत्री ने क्या सफाई दी?

अपने नए वीडियो में जारकीहोली ने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उनके बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। उन्होंने दावा किया कि दूसरे राज्यों में फॉर्म-7 के माध्यम से कांग्रेस के वोट बैंक के नाम मतदाता सूची से हटाने की बड़ी साजिश हुई है।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इस मुद्दे पर संघर्ष कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भी बेलगावी में फॉर्म-7 के जरिए कांग्रेस समर्थक मतदाताओं के नाम हटाए जाने के मामले को जनता के सामने रखा है।

मंत्री ने बताया कि इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज किए हैं और जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में भी करीब 13 हजार मतदाताओं के नाम कटे हैं।

जारकीहोली के मुताबिक, अंतिम मतदाता सूची का अध्ययन करने के बाद वह यह पता लगाएंगे कि हटाए गए मतदाता वास्तव में वहां से चले गए हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि इस मामले की सच्चाई जल्द सामने लाएंगे।

प्रियांक खरगे ने भी उठाए थे सवाल

सतीश जारकीहोली के पहले बयान पर कांग्रेस के भीतर भी सवाल उठे थे। कर्नाटक सरकार में मंत्री प्रियांक खरगे ने कहा था कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि जारकीहोली किस आधार पर ऐसी बात कह रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि मंत्री को जमीनी स्थिति की पूरी जानकारी नहीं है।

प्रियांक खरगे ने चित्तापुर के एक बूथ पर एक ही समुदाय के 40 लोगों को निशाना बनाए जाने का दावा किया था। उन्होंने विजयपुरा में 50 से अधिक लोगों को मृत घोषित कर उनके नाम पर फॉर्म-7 जमा किए जाने की बात भी कही थी। उनके मुताबिक, जांच में वे लोग जीवित पाए गए थे।

दिल्ली में चुनावी मुद्दों पर दो कार्यक्रम

इस बीच दिल्ली में भी चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर दो राजनीतिक आयोजन प्रस्तावित हैं। इंडिया गठबंधन मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर सार्वजनिक कार्यक्रम करने जा रहा है।

वहीं, ‘सिटिजन्स फॉर डेमोक्रेसी’ संगठन भी लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों पर कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। इसके लिए संसद जैसी संरचना तैयार की गई है।

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