ओडिशा सरकार ने कृषि और संबद्ध विषयों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। राज्य सरकार ने ओडिशा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (OUAT) के स्नातकोत्तर (PG) और पीएचडी छात्रों के लिए मासिक स्टाइपेंड योजना शुरू करने का फैसला किया है। इस पहल का उद्देश्य छात्रों की आर्थिक चिंताओं को कम करना, कृषि अनुसंधान को प्रोत्साहित करना और युवाओं को कृषि क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रेरित करना है।
राज्य के उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव ने अपने आधिकारिक एक्स (X) अकाउंट के माध्यम से इस योजना की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी के नेतृत्व में यह निर्णय कृषि शिक्षा और अनुसंधान को नई गति देने के उद्देश्य से लिया गया है।
PG और PhD छात्रों को मिलेगा मासिक स्टाइपेंड
नई योजना के तहत कृषि और संबद्ध विषयों में स्नातकोत्तर (PG) की पढ़ाई कर रहे छात्रों को दो वर्षों तक हर महीने 10,000 रुपये का स्टाइपेंड दिया जाएगा।
वहीं, पीएचडी कर रहे छात्रों को तीन वर्षों तक हर महीने 15,000 रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी। सरकार का मानना है कि इससे छात्रों को पढ़ाई और शोध के दौरान आर्थिक कठिनाइयों का सामना कम करना पड़ेगा।
रिसर्च और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा
सरकार के अनुसार, इस योजना का प्रमुख उद्देश्य छात्रों पर आर्थिक बोझ कम करना है ताकि वे अपनी पूरी ऊर्जा शोध, नवाचार और बेहतर शैक्षणिक प्रदर्शन पर केंद्रित कर सकें। आर्थिक सहायता मिलने से छात्रों को अतिरिक्त आय के लिए अन्य विकल्प तलाशने की आवश्यकता भी कम होगी।
कृषि अनुसंधान को मिलेगी नई दिशा
राज्य सरकार को उम्मीद है कि इस योजना से अधिक युवा कृषि अनुसंधान और नवाचार की ओर आकर्षित होंगे। इससे आधुनिक खेती से जुड़े नए समाधान विकसित करने में मदद मिलेगी और कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिक शोध को नई गति मिलेगी।
सरकार का मानना है कि शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार में किया गया यह निवेश भविष्य में ओडिशा के कृषि क्षेत्र को और अधिक मजबूत बनाएगा। साथ ही यह पहल राज्य में एक सशक्त कृषि पारिस्थितिकी तंत्र (Agriculture Ecosystem) तैयार करने और देश के कृषि विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने की दिशा में भी अहम साबित होगी।

