OpenAI ने लॉन्च किया GPT-Live: अब इंसानों जैसी होगी AI से बातचीत, रियल-टाइम ट्रांसलेशन और रिसर्च भी करेगा

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OpenAI का नया GPT-Live वॉयस मॉडल पहले से ज्यादा स्वाभाविक बातचीत का दावा करता है। इसमें रियल-टाइम ट्रांसलेशन, बैकग्राउंड रिसर्च और बेहतर सुरक्षा फीचर्स भी शामिल किए गए हैं।

OpenAI ने अपने नए नेक्स्ट-जेनरेशन वॉयस मॉडल GPT-Live को लॉन्च कर दिया है। कंपनी का दावा है कि यह अब तक का सबसे स्वाभाविक और इंसानों जैसी बातचीत करने वाला AI वॉयस सिस्टम है। इसके साथ ही OpenAI ने GPT-Live-1 और GPT-Live-1 mini नाम के दो नए मॉडल पेश किए हैं, जो पुराने Advanced Voice Mode की जगह लेंगे। नया सिस्टम बातचीत के दौरान यूजर की बात लगातार सुनता और समझता रहता है, जिससे संवाद का प्रवाह बाधित नहीं होता।

रियल-टाइम ट्रांसलेशन और बैकग्राउंड रिसर्च की सुविधा

GPT-Live की सबसे बड़ी खासियत इसका फुल-डुप्लेक्स आर्किटेक्चर है। इसका मतलब है कि AI एक ही समय में यूजर की बात सुन सकता है और जवाब भी दे सकता है। यह पुराने सिस्टम की तरह यूजर के बोलना खत्म होने का इंतजार नहीं करता। डेमो के दौरान GPT-Live ने बातचीत जारी रखते हुए रियल-टाइम हिंदी अनुवाद भी किया। जरूरत पड़ने पर यह बैकग्राउंड में रिसर्च, वेब सर्च और जटिल कार्यों को उन्नत AI मॉडल्स के जरिए पूरा कर सकता है, जबकि बातचीत बिना रुके जारी रहती है। मौसम, शेयर बाजार और खेल जैसे विषयों पर यह विजुअल कार्ड भी दिखाने में सक्षम है।

सैम ऑल्टमैन बोले- अब टाइपिंग से ज्यादा AI से बात करूंगा

OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने X पर नए फीचर को लेकर उत्साह जताते हुए कहा कि GPT-Live का अनुभव बेहद वास्तविक और जादुई लगता है। उन्होंने लिखा कि अब तक वह AI से बातचीत करने की बजाय टाइपिंग को प्राथमिकता देते थे, लेकिन GPT-Live के बाद यह आदत बदल सकती है। कंपनी के अनुसार, परीक्षणों में GPT-Live-1 को 75.7% और GPT-Live-1 mini को 69.2% मामलों में पुराने वॉयस मोड से बेहतर रेटिंग मिली है।

सभी ChatGPT यूजर्स के लिए होगा उपलब्ध

OpenAI ने पुष्टि की है कि GPT-Live को iOS, Android और वेब प्लेटफॉर्म पर चरणबद्ध तरीके से सभी ChatGPT यूजर्स के लिए रोलआउट किया जा रहा है। Go, Plus और Pro प्लान के यूजर्स को डिफॉल्ट रूप से GPT-Live-1 मिलेगा, जबकि फ्री यूजर्स GPT-Live-1 mini का उपयोग कर सकेंगे। कंपनी ने नए मॉडल में मानसिक स्वास्थ्य, हिंसा, आत्म-हानि और किशोर यूजर्स की सुरक्षा से जुड़े अतिरिक्त सुरक्षा उपाय भी शामिल किए हैं।

GPT-Live को AI आधारित वॉयस इंटरैक्शन के क्षेत्र में OpenAI का एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जो यूजर्स को पहले से कहीं अधिक प्राकृतिक, तेज और उपयोगी बातचीत का अनुभव देने का लक्ष्य रखता है।

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