मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन को लेकर भाजपा ने विपक्ष पर आरोप लगाए हैं। प्रशांत भूषण के बयान के बाद राजनाथ सिंह ने प्रदर्शनकारियों के एजेंडे पर सवाल उठाए।
नई दिल्ली, 16 अक्टूबर।
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे समूहों को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने गुरुवार को कहा कि प्रदर्शनकारी सत्ता परिवर्तन चाहते हैं। इसके बाद भाजपा ने उनके बयान को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को कहा कि इन टिप्पणियों से प्रदर्शनकारियों का एजेंडा स्पष्ट हो गया है।
प्रशांत भूषण बोले- हां, हम सत्ता परिवर्तन चाहते हैं
गुरुवार शाम ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) की नेहा बोरा और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के अभिजीत दिपके ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण भी मौजूद थे।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रशांत भूषण ने कहा, “हां, हम सत्ता परिवर्तन चाहते हैं।” उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकार के खिलाफ असंतोष जताना कोई अपराध नहीं है। उनके मुताबिक, फिलहाल प्रदर्शनकारी चुनाव प्रक्रिया को सही तरीके से संचालित कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अगर कथित दमन जारी रहा तो सत्ता परिवर्तन की स्थिति बन सकती है।
प्रशांत भूषण ने भाजपा के आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि भाजपा ने भी सत्ता परिवर्तन के लिए कई आंदोलन किए हैं। उन्होंने सरकार पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाया और कहा कि प्रदर्शनों को दबाने की कोशिश से सड़कों पर उतरने वाले लोगों की संख्या बढ़ सकती है।
राजनाथ सिंह ने विपक्ष पर लगाया अराजकता फैलाने का आरोप
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार सुबह लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रदर्शनकारियों के बयानों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी समूह देश के युवाओं को अराजकता की राजनीति में इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं।
राजनाथ सिंह ने कहा कि प्रदर्शनकारियों का मकसद बांग्लादेश की तर्ज पर सत्ता परिवर्तन करना है। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारी समूह के एक सदस्य ने बांग्लादेश के आंदोलन से प्रेरणा लेने की बात कही, जबकि दूसरे ने सरकार गिराने की बात कही। राजनाथ सिंह के मुताबिक, इन बयानों से उनका एजेंडा सामने आ गया है।
उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उनके सहयोगियों को भी निशाने पर लिया। राजनाथ सिंह ने कहा कि लोकतंत्र का मतलब अराजकता फैलाना, संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता कम करना या देश की विकास यात्रा में बाधा डालना नहीं है।
बांग्लादेश के आंदोलन का जिक्र कर भाजपा ने उठाए सवाल
भाजपा ने गुरुवार को नेहा बोरा के एक वीडियो को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा था। पार्टी की ओर से साझा की गई 39 सेकंड की क्लिप में नेहा बोरा कथित तौर पर बांग्लादेश में हुए विरोध प्रदर्शनों को जेन-जी आंदोलनों की शुरुआत बताते हुए वहां के आंदोलन से प्रेरणा लेने की बात कहती सुनाई देती हैं।
भाजपा ने इस बयान को प्रदर्शनकारियों के इरादों से जोड़ते हुए सवाल उठाए। पार्टी प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और उनसे जुड़े राजनीतिक समूहों का उद्देश्य केवल विरोध करना नहीं, बल्कि सत्ता परिवर्तन करना है।
हालांकि, सत्ता परिवर्तन को लेकर भाजपा के आरोप और प्रदर्शनकारियों के बयान राजनीतिक विवाद का विषय बने हुए हैं। प्रदर्शनकारी पक्ष की ओर से चुनाव प्रक्रिया और सरकार के खिलाफ असंतोष से जुड़े तर्क दिए गए हैं, जबकि भाजपा ने इन बयानों को सरकार बदलने की कोशिश से जोड़कर पेश किया है।

