इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र रहे देश के प्रख्यात भौतिक विज्ञानी प्रो. दीपक धर को वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित डिराक मेडल के लिए चुना गया है। यह भौतिकी के क्षेत्र में दिए जाने वाले प्रमुख सम्मानों में से एक है। इसकी घोषणा इटली में की गई। प्रो. धर ने वर्ष 1970 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बीएससी की पढ़ाई की थी। उनकी इस उपलब्धि से विश्वविद्यालय के साथ ही उनके गृह जनपद प्रतापगढ़ का भी गौरव बढ़ा है।
कौन हैं प्रो. दीपक धर
प्रो. दीपक धर का जन्म वर्ष 1951 में प्रतापगढ़ में हुआ था। वर्ष 2023 में भारत सरकार ने विज्ञान के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया था। प्रो. धर वर्तमान में बेंगलुरु स्थित इंटरनेशनल सेंटर फॉर थियोरेटिकल साइंसेज में इंडियन नेशनल साइंस एकेडमी के विशिष्ट प्रोफेसर हैं।
इटली स्थित अब्दुस सलाम इंटरनेशनल सेंटर फॉर थियोरेटिकल फिजिक्स की ओर से 1985 में शुरू किया गया यह पुरस्कार उन वैज्ञानिकों को दिया जाता है, जिन्होंने सैद्धांतिक भौतिकी में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। प्रो. धर को इससे पहले वर्ष 2022 में प्रतिष्ठित बोल्ट्जमैन पदक से सम्मानित किया गया था। वह यह सम्मान पाने वाले पहले भारतीय वैज्ञानिक बने थे।
इविवि के भौतिक विज्ञान विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. केएन उत्तम ने बताया कि प्रो. धर को वर्ष 2023 में इविवि के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित स्थापना दिवस समारोह में मानद उपाधि प्रदान की गई थी।
प्रो. धर को दिए जाएंगे 5000 अमेरिकी डॉलर
डिराक मेडल के साथ प्रो. धर को 5000 अमेरिकी डॉलर यानी करीब 4.76 लाख रुपये की पुरस्कार राशि भी प्रदान की जाएगी। इसके अलावा उन्हें प्रतिष्ठित डिराक मेडल और सम्मान प्रमाणपत्र भी मिलेगा।

