सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं, शिक्षक प्रशिक्षण और ‘मिशन समर्थ’ जैसे सुधारों का दिखा असर, NEET में भी बढ़ी सरकारी स्कूलों के छात्रों की सफलता
हाल ही में जारी नीति आयोग की स्कूल एजुकेशन क्वालिटी रिपोर्ट में पंजाब ने स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में देश में पहला स्थान हासिल किया है। कभी 27वें पायदान पर रहने वाला पंजाब महज चार वर्षों में केरल और दिल्ली जैसे राज्यों को पीछे छोड़कर शीर्ष पर पहुंच गया है। इस उपलब्धि के पीछे राज्य सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों में किए गए व्यापक सुधारों को प्रमुख कारण माना जा रहा है।
सरकारी स्कूलों का कराया गया सर्वे
पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि सरकार ने सबसे पहले राज्य के सभी सरकारी स्कूलों का सर्वे कराया। इसमें सामने आया कि 20 हजार सरकारी स्कूलों में से करीब 8 हजार स्कूलों में चहारदीवारी नहीं थी। कई स्कूलों में शौचालय और पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव था। शिक्षकों की कमी और उनका मनोबल भी काफी कमजोर था। इसके बाद सरकार ने इन सभी कमियों को दूर करने पर प्राथमिकता से काम किया।
स्कूलों का इंफ्रास्ट्रक्चर हुआ मजबूत
शिक्षा मंत्री के मुताबिक अब पंजाब के 99.99 प्रतिशत सरकारी स्कूलों में बाउंड्री वॉल, शौचालय और पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि पहले 28 लाख छात्रों में से करीब 4 लाख बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ाई करते थे, लेकिन अब कोई भी छात्र जमीन पर बैठकर पढ़ाई नहीं करता।
शिक्षकों के प्रशिक्षण पर दिया गया जोर
हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि सरकार ने शिक्षकों के प्रशिक्षण और उनके मनोबल को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया। शिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए सिंगापुर, प्राथमिक शिक्षकों को फिनलैंड और हेडमास्टर्स को आईआईएम अहमदाबाद भेजा गया। उनका कहना है कि इसी का परिणाम है कि पंजाब आज स्कूली शिक्षा में देश का नंबर-1 राज्य बन गया है।
‘मिशन समर्थ’ से हर छात्र पर नजर
शिक्षा मंत्री ने बताया कि ‘मिशन समर्थ’ के तहत प्रत्येक छात्र की पढ़ाई पर व्यक्तिगत रूप से नजर रखी गई। हर बच्चे की सीखने की क्षमता का आकलन कर उसके अनुसार सुधार की योजना बनाई गई, जिसका सकारात्मक परिणाम अब देखने को मिल रहा है।
NEET में बढ़ी सरकारी स्कूलों के छात्रों की सफलता
उन्होंने दावा किया कि NEET UG 2026 में पंजाब के सरकारी स्कूलों के 882 छात्रों ने सफलता हासिल की है। इनमें कई छात्र आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं। वर्ष 2024 में यह संख्या लगभग 400 थी, जो दो वर्षों में दोगुनी से अधिक हो गई है।
उच्च शिक्षा में भी पंजाब का प्रदर्शन बेहतर
हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि केवल स्कूली शिक्षा ही नहीं, बल्कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी पंजाब ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उनके अनुसार गुरु नानक देव विश्वविद्यालय NAAC रैंकिंग में देश का शीर्ष विश्वविद्यालय है, जबकि पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (PAU) देश के प्रमुख कृषि संस्थानों में शामिल है। उन्होंने दावा किया कि देशभर के साथ-साथ 70 देशों के छात्र भी पंजाब में शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
आईटीआई में शुरू किए गए नए जमाने के कोर्स
शिक्षा मंत्री ने बताया कि आईटीआई संस्थानों से पुराने और अप्रासंगिक पाठ्यक्रम हटाकर उनकी जगह उद्योगों की मांग के अनुरूप नए कोर्स शुरू किए गए हैं। इनमें एयर होस्टेस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे आधुनिक पाठ्यक्रम शामिल हैं। इसके बाद आईटीआई में दाखिलों की संख्या बढ़ी है और अब सीटें बढ़ाने की तैयारी भी की जा रही है।

