6 अंकों से पिछड़ने के बाद फैबियानो कारूआना के खिलाफ शानदार वापसी, रैपिड और ब्लिट्ज में दमदार प्रदर्शन कर जीता खिताब
भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानंद ने सेंट लुइस में इतिहास रचते हुए ग्रैंड चेस टूर का खिताब अपने नाम कर लिया है। वह इस ट्रॉफी को जीतने वाले भारत के पहले शतरंज खिलाड़ी बन गए हैं। फाइनल मुकाबले के आखिरी दिन मौजूदा चैंपियन फैबियानो कारूआना के खिलाफ 6 अंकों से पिछड़ने के बावजूद प्रज्ञानंद ने हैरतअंगेज वापसी करते हुए खिताब जीत लिया।
3-9 के स्कोर से जीत तक का सफर
क्लासिकल मुकाबलों के बाद प्रज्ञानंद 3-9 से पीछे चल रहे थे और खिताब की दौड़ लगभग खत्म मानी जा रही थी। इसके बाद उन्होंने शानदार वापसी की। प्रज्ञानंद ने दोनों रैपिड गेम जीतकर स्कोर 11-9 कर दिया। फिर कारूआना ने ब्लिट्ज का दूसरा मुकाबला जीतकर स्कोर 12-12 की बराबरी पर ला दिया। हालांकि, प्रज्ञानंद ने तीसरा ब्लिट्ज मुकाबला जीतकर फिर बढ़त बना ली।
आखिरी मुकाबले में प्रज्ञानंद को सिर्फ ड्रॉ की जरूरत थी। उन्होंने थ्री-फोल्ड रिपीटिशन के जरिए ड्रॉ हासिल कर खिताब अपने नाम कर लिया। फाइनल के 6 मुकाबलों में प्रज्ञानंद ने 3 में जीत दर्ज की, 2 मुकाबले ड्रॉ रहे और उन्हें सिर्फ 1 मैच में हार का सामना करना पड़ा।
ऐतिहासिक जीत के बाद प्रज्ञानंद ने कहा कि 6 अंकों के फासले को पाटना आसान नहीं था। उन्होंने बताया कि पिछले साल की तुलना में उनके रैपिड और ब्लिट्ज गेम में आए सुधार ने इस जीत में अहम भूमिका निभाई।
प्रज्ञानंद को मिली करीब 1.91 करोड़ रुपये की इनामी राशि
यह खिताबी जीत प्रज्ञानंद के लिए साल 2026 की एक और बड़ी उपलब्धि है। ग्रैंड चेस टूर का खिताब जीतने पर उन्हें विजेता के तौर पर 200,000 डॉलर यानी करीब 1.91 करोड़ रुपये की इनामी राशि मिली। इसके साथ ही उन्होंने 2027 टूर के लिए सीधे क्वालिफाई भी कर लिया।
इसके अलावा, पूरे 2026 सर्किट में प्रज्ञानंद ने कुल 404,354 डॉलर यानी करीब 4 करोड़ रुपये की प्राइज मनी कमाई।

