भारतीय क्रिकेट टीम को आयरलैंड के खिलाफ दो मैचों की टी20 सीरीज में 0-2 से करारी हार का सामना करना पड़ा। इस ऐतिहासिक हार के बाद टीम इंडिया के प्रदर्शन पर सवाल उठने लगे हैं। इसी बीच दिग्गज ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने भारतीय बल्लेबाजों की जमकर आलोचना करते हुए उन्हें सच्चाई का आईना दिखाया है।
अश्विन ने IPL पिचों और इंटरनेशनल क्रिकेट के फर्क पर उठाए सवाल
रविचंद्रन अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि भारतीय बल्लेबाज आईपीएल की “सपाट और बल्लेबाजी के अनुकूल पिचों” के आदी हो चुके हैं, जिसके कारण उन्हें विदेशों में मुश्किल परिस्थितियों में संघर्ष करना पड़ता है।
अश्विन ने कहा कि हर इंटरनेशनल विकेट आईपीएल जैसा आसान नहीं होता। उनके मुताबिक आईपीएल में मिलने वाली “24-कैरेट सपाट पिचें” खिलाड़ियों को गलत आत्मविश्वास देती हैं, जबकि आयरलैंड जैसी परिस्थितियों में गेंद को सीम और मूवमेंट मिलने पर बल्लेबाज संघर्ष करते नजर आते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि इस सीरीज में क्रिकेट की क्वालिटी काफी अच्छी रही, लेकिन भारतीय बल्लेबाज उसी के अनुसार खुद को ढाल नहीं सके।
IPL से इंटरनेशनल क्रिकेट तक प्रदर्शन में बड़ा अंतर
अश्विन के अनुसार, भारतीय टीम के ज्यादातर युवा खिलाड़ी सीधे आईपीएल से इंटरनेशनल क्रिकेट में पहुंचे हैं। आईपीएल ने जहां उनकी हिटिंग और स्ट्रोक प्ले को बेहतर बनाया है, वहीं स्विंग और सीमिंग परिस्थितियों में उनकी तकनीकी कमजोरियां सामने आ गई हैं।
उन्होंने साफ कहा कि असली टेस्ट तब होता है जब खिलाड़ी ऐसी पिचों पर खेलते हैं जहां गेंद लगातार मूव करती है।
आयरलैंड सीरीज में भारतीय बल्लेबाजों का निराशाजनक प्रदर्शन
आयरलैंड के खिलाफ पहले टी20 में भारत ने 183 रनों का लक्ष्य दिया था, लेकिन श्रेयस अय्यर, संजू सैमसन और ईशान किशन जैसे बल्लेबाज बड़ी पारियां नहीं खेल सके और टीम 148 रन पर ऑलआउट हो गई।
दूसरे मैच में भी भारतीय बल्लेबाजी पावरप्ले में बिखर गई और सिर्फ 39 रन पर 4 विकेट गिर गए। तिलक वर्मा की अर्धशतकीय पारी के बावजूद भारत 154 रनों के मामूली लक्ष्य को हासिल नहीं कर सका और मैच 1 रन से हार गया।
सीरीज हार के बाद टीम इंडिया पर बढ़ा दबाव
दो मैचों की इस हार ने भारतीय टीम मैनेजमेंट और बल्लेबाजी यूनिट की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं अश्विन के बयान ने आईपीएल बनाम इंटरनेशनल क्रिकेट की बहस को एक बार फिर तेज कर दिया है।

