शेयर बाजार में सीमित तेजी, सेंसेक्स 206 अंक चढ़ा; आईटी और फार्मा शेयरों में खरीदारी

Thecity news
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वैश्विक बाजारों की कमजोरी और महंगे कच्चे तेल के दबाव के बीच घरेलू बाजार में चुनिंदा शेयरों ने बढ़त दर्ज की, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप में गिरावट रही।

वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव की आशंकाओं के बीच शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार ने मामूली तेजी के साथ कारोबार शुरू किया। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी सीमित बढ़त के साथ खुले। बाद में सेंसेक्स 206 अंकों से अधिक चढ़ गया।

आईटी और फार्मा शेयरों में खरीदारी से बाजार को सहारा मिला, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में दबाव देखने को मिला।

सेंसेक्स 206 अंक चढ़ा, निफ्टी भी हरे निशान में

बीएसई सेंसेक्स पिछले कारोबारी सत्र के 74,151.04 के बंद स्तर के मुकाबले 48.65 अंक बढ़कर 74,199.69 पर खुला। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 ने 27.75 अंक यानी 0.12 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,964.50 पर कारोबार शुरू किया।

गुरुवार को निफ्टी 22,936.75 पर बंद हुआ था। शुक्रवार को कारोबार के दौरान सेंसेक्स 206.51 अंक यानी 0.27 प्रतिशत चढ़कर 74,357.55 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। निफ्टी भी 0.25 प्रतिशत की तेजी के साथ 22,994.70 तक पहुंचा।

ट्रेंट और इंडिगो के शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी

निफ्टी 50 में ट्रेंट के शेयरों में करीब 5.8 प्रतिशत की सबसे ज्यादा तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा इंडिगो, सन फार्मा, इंफोसिस, इटरनल और टीसीएस के शेयरों में भी बढ़त रही।

दूसरी ओर, कोल इंडिया, बीईएल और श्रीराम फाइनेंस के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली। इससे बाजार में चुनिंदा कंपनियों के शेयरों में ही खरीदारी का रुझान नजर आया।

आईटी और फार्मा सेक्टर में खरीदारी

सेक्टरवार कारोबार में निफ्टी आईटी और निफ्टी फार्मा इंडेक्स में एक प्रतिशत से अधिक की तेजी रही। इसके उलट निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।

निफ्टी मेटल, एफएमसीजी, ऑटो, पीएसयू बैंक और रियल्टी इंडेक्स भी लाल निशान में कारोबार करते दिखे। व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप 100 में 0.54 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 0.86 प्रतिशत की गिरावट रही।

महंगे कच्चे तेल और अमेरिका-ईरान तनाव से चिंता

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतें निवेशकों के लिए बड़ी चिंता बनी हुई हैं। ब्रेंट क्रूड की कीमतों में तेजी और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव बढ़ने की आशंकाओं से बाजार की धारणा प्रभावित हो रही है।

शुक्रवार को कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड एक प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ 113.96 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) करीब 104.99 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।

रिपोर्टों में तीन नवंबर को होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के बाद ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू होने की आशंका भी जताई गई है।

वैश्विक बाजारों से भी मिले कमजोर संकेत

अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनियों के कमजोर तिमाही नतीजों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर बढ़ते खर्च को लेकर चिंताओं ने वैश्विक निवेशकों का भरोसा कमजोर किया है। इसका असर एशियाई बाजारों पर भी दिखाई दिया।

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों को स्थिर रखने का फैसला किया था। इसके अगले दिन अमेरिकी शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। प्रमुख टेक कंपनियों के नतीजों से उम्मीद के मुताबिक संकेत नहीं मिलने के कारण एआई से जुड़े निवेश को लेकर भी सतर्कता बढ़ी है।

एफआईआई की बिकवाली, घरेलू निवेशकों ने संभाला मोर्चा

विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली का दबाव भी बाजार पर बना हुआ है। गुरुवार को एफआईआई ने 943 करोड़ रुपये के शेयरों की शुद्ध बिकवाली की।

वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने लगातार दूसरे दिन खरीदारी की। उन्होंने गुरुवार को 1,924 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। घरेलू निवेशकों की इस खरीदारी से बाजार को कुछ समर्थन मिला।

बाजार में बड़ी तेजी के संकेत फिलहाल सीमित

विशेषज्ञों के मुताबिक, फिलहाल बाजार में बड़ी और लगातार तेजी के संकेत मजबूत नहीं हैं। पिछले सप्ताह मार्जिन फंडिंग के आधार पर बनाई गई लंबी पोजिशन की जबरन बिकवाली के कारण स्मॉलकैप शेयरों में तेज गिरावट आई थी। ऐसे में निवेशक फिलहाल वैश्विक संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं।

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