विमल इलायची विज्ञापन पर शाहरुख, अजय और टाइगर को नोटिस, FDA ने मांगा जवाब

Thecity news
4 Min Read

महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने विमल इलायची के विज्ञापन को प्रतिबंधित विमल पान मसाला का कथित सरोगेट विज्ञापन बताते हुए शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को कारण बताओ नोटिस भेजा है। तीनों को 15 दिनों के भीतर जवाब और संबंधित दस्तावेज जमा करने के निर्देश दिए गए हैं।

बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने तीनों अभिनेताओं को ‘विमल इलायची’ के विज्ञापन के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। FDA का कहना है कि यह विज्ञापन महाराष्ट्र में प्रतिबंधित ‘विमल पान मसाला’ के प्रचार के लिए सरोगेट या ब्रांड-एक्सटेंशन विज्ञापन हो सकता है।

राज्य में तंबाकू और पान मसाला उत्पादों की बिक्री एवं प्रचार के खिलाफ कार्रवाई के बीच FDA ने तीनों अभिनेताओं से विज्ञापन से जुड़ी जानकारी और दस्तावेज मांगे हैं।

नोटिस में क्या कहा गया?

FDA ने तीनों अभिनेताओं से यह साबित करने को कहा है कि ‘विमल इलायची’ वास्तव में एक अलग उत्पाद है, जो बाजार में स्वतंत्र रूप से बिकता है। विभाग यह भी जांचना चाहता है कि कहीं इसका इस्तेमाल प्रतिबंधित विमल पान मसाला और तंबाकू उत्पादों के प्रचार के लिए तो नहीं किया जा रहा।

विज्ञापन से जुड़ी पूरी जानकारी मांगी

नोटिस में शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ से उन टीवी चैनलों, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया माध्यमों की जानकारी मांगी गई है, जहां यह विज्ञापन प्रसारित या प्रकाशित हुआ।

इसके साथ ही उनसे विज्ञापन के प्रसारण की अवधि, ब्रांड मालिक के साथ हुए कमर्शियल या कानूनी समझौते और एंडोर्समेंट से जुड़ी अन्य जानकारी भी मांगी गई है।

15 दिनों में देना होगा जवाब

तीनों अभिनेताओं को नोटिस मिलने की तारीख से 15 दिनों के भीतर लिखित जवाब और जरूरी दस्तावेज जमा करने का निर्देश दिया गया है। उनके पास खुद या अपने कानूनी प्रतिनिधि के माध्यम से व्यक्तिगत सुनवाई की मांग करने का विकल्प भी है।

FDA ने उनसे एंडोर्समेंट कॉन्ट्रैक्ट, कैंपेन की जानकारी, फीस और नियमों के अनुपालन से जुड़े दस्तावेज भी मांगे हैं।

जवाब नहीं दिया तो हो सकता है जुर्माना

मामले में FDA ने फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 की धारा 24 का हवाला दिया है, जो भ्रामक विज्ञापनों से संबंधित है। इसके अलावा धारा 53 के तहत भ्रामक विज्ञापन में शामिल पक्षों पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

हालांकि, आगे की कार्रवाई तीनों अभिनेताओं के जवाब और FDA की जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।

विज्ञापन के प्रचार से दूर रहने की सलाह

FDA ने तीनों अभिनेताओं को निर्देश दिया है कि वे किसी भी प्लेटफॉर्म पर इस विज्ञापन के प्रसारण, प्रकाशन या प्रचार में आगे सहयोग न करें। उनसे यह भी पूछा गया है कि विज्ञापन से जुड़ने से पहले उन्होंने या उनकी टीम ने ब्रांड और उसके दावों की किस तरह जांच की थी।

FDA के मुताबिक, ‘विमल’ ब्रांड की पहचान पान मसाला उत्पादों से जुड़ी हुई है। विभाग ने राज्य में प्रतिबंधित पान मसाला के उत्पादन, भंडारण, आपूर्ति और बिक्री के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।

Share This Article