सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने शानदार शुरुआत की है। शुक्रवार की भारी गिरावट के बाद सोमवार को घरेलू बाजार में निवेशकों का भरोसा लौटता दिखाई दिया। एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और गिफ्ट निफ्टी में मजबूती के चलते बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में जोरदार तेजी देखने को मिली।
सेंसेक्स और निफ्टी ने हरे निशान में की शुरुआत
कारोबार की शुरुआत में बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 357 अंकों की बढ़त के साथ 77,160 के स्तर पर खुला। वहीं एनएसई का प्रमुख सूचकांक निफ्टी 50 भी 93 अंक चढ़कर 24,106 के स्तर पर पहुंच गया।
इसके विपरीत पिछले कारोबारी सत्र यानी शुक्रवार को बाजार दबाव में रहा था। सेंसेक्स 607 अंक गिरकर 76,802 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 154 अंक टूटकर 24,013 के स्तर पर आ गया था।
वैश्विक संकेतों से निवेशकों का बढ़ा भरोसा
विशेषज्ञों के अनुसार बाजार की मौजूदा दिशा पर कई वैश्विक और घरेलू कारक प्रभाव डाल रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता पर निवेशकों की खास नजर बनी हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कतर और पाकिस्तान के प्रतिनिधियों ने संकेत दिए हैं कि अगले 60 दिनों के भीतर किसी समझौते को अंतिम रूप दिया जा सकता है।
इस संभावित कूटनीतिक प्रगति से वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया।
कच्चे तेल की कीमतें बनीं चिंता का विषय
बाजार की तेजी के बीच कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें निवेशकों के लिए चिंता का कारण बनी हुई हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य से शिपिंग गतिविधियों में कमी के चलते वैश्विक तेल बाजार में दबाव बढ़ा है।
ब्रेंट क्रूड वायदा 0.83 प्रतिशत बढ़कर 81.24 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी क्रूड 2.04 प्रतिशत की तेजी के साथ 77.40 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता नजर आया। तेल कीमतों में वृद्धि का असर महंगाई और कॉर्पोरेट मुनाफे पर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों ने बताए ये पसंदीदा शेयर
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा तेजी में चुनिंदा शेयर बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। चॉइस ब्रोकिंग और आनंद राठी के विश्लेषकों ने इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए कुछ प्रमुख शेयरों पर नजर रखने की सलाह दी है।
इनमें कल्पतरु प्रोजेक्ट्स, वेलस्पन कॉर्प, आयशर मोटर्स और एस्टर डीएम हेल्थकेयर जैसे शेयर शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार की मौजूदा परिस्थितियों में इन शेयरों में निवेशकों को अवसर मिल सकते हैं।
RBI की नीति और बाजार का नजरिया
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने हाल ही में ब्याज दरों को स्थिर रखने का फैसला किया है। विशेषज्ञों के अनुसार यह कदम वैश्विक अनिश्चितताओं, महंगाई के जोखिम और आर्थिक विकास की गति को संतुलित रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
बाजार अब आगे आने वाले आर्थिक आंकड़ों, कच्चे तेल की चाल और वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर नजर बनाए हुए है, जो आने वाले दिनों में निवेशकों की रणनीति तय करेंगे।

