कमजोर वैश्विक संकेतों से शेयर बाजार में भूचाल, सेंसेक्स 527 अंक टूटा; बैंकिंग और रियल्टी शेयरों पर दबाव

Thecity news
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विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक बाजारों के कमजोर रुख के बीच सोमवार, 28 सितंबर को भारतीय शेयर बाजार भारी गिरावट के साथ खुला। सेंसेक्स 73,369 के करीब और निफ्टी 22,966 के स्तर पर आ गया। बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और रियल्टी शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिला।

मुंबई, 28 सितंबर। कमजोर वैश्विक संकेतों और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की लगातार बिकवाली के बीच सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 526.96 अंक यानी 0.71 प्रतिशत गिरकर 73,368.78 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 174.20 अंक यानी 0.75 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 22,966.30 पर कारोबार करता दिखा। सुबह 9:17 बजे बाजार में यह स्थिति थी।

बड़ी कंपनियों के शेयरों के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी बिकवाली का दबाव रहा। दोनों इंडेक्स में 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जिससे बाजार में चौतरफा कमजोरी नजर आई।

बैंकिंग और रियल्टी शेयरों में ज्यादा दबाव

शुरुआती कारोबार में बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज और रियल्टी सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में रहे। निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज करीब 1 प्रतिशत की गिरावट के साथ कमजोर सेक्टर इंडेक्स में शामिल रहे।

इसके अलावा डिफेंस, मेटल, पीएसयू बैंक, एफएमसीजी, इंफ्रास्ट्रक्चर, कमोडिटीज और ऑयल एंड गैस से जुड़े इंडेक्स भी लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।

सेंसेक्स के प्रमुख गिरने वाले शेयरों में एचडीएफसी बैंक, बजाज फाइनेंस, कोटक महिंद्रा बैंक, बीईएल, एचयूएल, एलएंडटी, बजाज फिनसर्व, एमएंडएम, एशियन पेंट्स, पावर ग्रिड, टाइटन और आईसीआईसीआई बैंक शामिल रहे। इसके विपरीत टीसीएस प्रमुख शेयरों में एकमात्र ऐसा शेयर रहा जो शुरुआती कारोबार में हरे निशान में टिका रहा।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी फिसले

बाजार की कमजोरी केवल लार्जकैप शेयरों तक सीमित नहीं रही। निफ्टी मिडकैप 100 करीब 1.03 प्रतिशत गिरकर 60,267 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.09 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह करीब 19,500 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

इससे संकेत मिला कि शुरुआती कारोबार में निवेशकों के बीच व्यापक स्तर पर बिकवाली का दबाव बना हुआ था।

एशियाई बाजारों में भी कमजोरी

भारतीय बाजार को एशियाई बाजारों से भी कमजोर संकेत मिले। सोमवार को टोक्यो, शंघाई, बैंकॉक, सियोल और जकार्ता के प्रमुख बाजार गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। हालांकि हांगकांग के बाजार में तेजी देखने को मिली।

इससे पहले शुक्रवार को अमेरिकी शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए थे। डाउ जोन्स में 0.93 प्रतिशत और नैस्डैक में 0.48 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई थी।

क्रूड और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बनी चिंता

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी भारतीय शेयर बाजार पर दबाव डाल रही है। ब्रेंट क्रूड करीब 100 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड करीब 5.2 प्रतिशत के स्तर पर होना निवेशकों के लिए चिंता का विषय बताया जा रहा है।

इसके अलावा विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों यानी एफपीआई के रुख में भी बदलाव बाजार पर असर डाल रहा है। जुलाई और अगस्त में खरीदारी के बाद सितंबर में विदेशी निवेशक फिर बिकवाली करते नजर आए हैं। बाजार जानकारों के मुताबिक, वैश्विक परिस्थितियों और विदेशी निवेशकों के रुख पर आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार की दिशा काफी हद तक निर्भर रह सकती है।

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