शेयर बाजार में शुरुआती तेजी के बाद गिरावट, सेंसेक्स 303 अंक टूटा; आईटी शेयरों में उछाल

Thecity news
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कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और वैश्विक संकेतों के बीच शुक्रवार को बाजार पर दबाव दिखा। निफ्टी 23,000 के स्तर के करीब पहुंचा, जबकि आईटी शेयरों में खरीदारी जारी रही।

भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 16 अक्टूबर को शुरुआती बढ़त के बाद गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 303 अंक तक टूट गया, जबकि निफ्टी फिसलकर 23,000 के स्तर के करीब पहुंच गया। हालांकि, आईटी शेयरों में मजबूत खरीदारी के चलते निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 2.6 प्रतिशत चढ़ गया।

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों के बीच निवेशक सतर्क नजर आए।

सेंसेक्स और निफ्टी में शुरुआती तेजी के बाद दबाव

शुक्रवार को बाजार की शुरुआत बढ़त के साथ हुई। सेंसेक्स पिछले कारोबारी सत्र के 74,315.61 अंक के बंद स्तर के मुकाबले 25.47 अंक चढ़कर 74,341.08 पर खुला। वहीं, निफ्टी 67.75 अंक की तेजी के साथ 23,065.10 पर पहुंचा।

हालांकि, शुरुआती तेजी ज्यादा देर तक कायम नहीं रही। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 302.62 अंक गिरकर 74,012.99 के निचले स्तर तक पहुंच गया। निफ्टी भी 151.3 अंक फिसलकर 22,913.80 के इंट्राडे निचले स्तर पर आ गया।

आईटी शेयरों में खरीदारी, निफ्टी आईटी 2.6% चढ़ा

बाजार में गिरावट के बीच आईटी सेक्टर के शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 2.6 प्रतिशत चढ़ गया। इसके अलावा मीडिया, मेटल और सरकारी बैंकों से जुड़े शेयरों में भी तेजी रही।

विशेषज्ञों के मुताबिक, आईटी कंपनियों के दूसरी तिमाही के नतीजों और प्रबंधन की सकारात्मक टिप्पणियों से इस सेक्टर को समर्थन मिला। हाल के दिनों में आईटी शेयरों में हुई खरीदारी ने भी सूचकांक को मजबूती दी।

इन शेयरों पर रहा बिकवाली का दबाव

निफ्टी-50 में एचडीएफसी लाइफ, बीएसई, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, श्रीराम फाइनेंस और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में कमजोरी देखने को मिली।

व्यापक बाजार में भी दबाव बना रहा। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स करीब 0.5 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स लगभग 0.11 प्रतिशत नीचे रहा। सेक्टर के स्तर पर ऑयल एंड गैस, एफएमसीजी और फार्मा शेयरों में कमजोरी दर्ज की गई।

एशियाई और अमेरिकी बाजारों से मिले-जुले संकेत

एशियाई बाजारों में तेजी देखने को मिली। जापान का निक्केई करीब 1.38 प्रतिशत, टॉपिक्स लगभग 1.8 प्रतिशत, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.56 प्रतिशत और ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 करीब 1.01 प्रतिशत ऊपर रहा।

इससे पहले गुरुवार को अमेरिकी बाजार भी बढ़त के साथ बंद हुए थे। डाउ जोन्स में करीब 500 अंकों यानी 1.1 प्रतिशत की तेजी आई। एसएंडपी-500 में 0.3 प्रतिशत और नैस्डैक में 0.1 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। हालांकि, पूरे सप्ताह के प्रदर्शन में एसएंडपी-500 और नैस्डैक पर दबाव बना हुआ था।

कच्चे तेल की कीमत 105 डॉलर के पार

अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत 105 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई थी। मध्य पूर्व में आपूर्ति को लेकर चिंताओं ने तेल की कीमतों को समर्थन दिया।

कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए महंगाई, आयात बिल और कंपनियों की लागत बढ़ने की चिंता पैदा कर सकती हैं। इसका असर निवेशकों की धारणा पर भी पड़ सकता है।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली पर नजर

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और रुपये की चाल विदेशी निवेशकों के फैसलों को प्रभावित कर सकती है। अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड में गिरावट और रुपये में मजबूती से विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दबाव कम होने की संभावना जताई गई।

हालांकि, बॉन्ड यील्ड 5 प्रतिशत से ऊपर और कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल से अधिक रहने पर विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली जारी रहने की आशंका भी बनी हुई है।

निफ्टी के लिए 23,200 से 23,600 का स्तर अहम

तकनीकी विश्लेषण के मुताबिक, निफ्टी के लिए 23,200 से 23,600 के बीच का स्तर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालिया तेजी के बाद यदि निफ्टी 23,070 के नीचे बना रहता है, तो बाजार में आगे गिरावट या तेजी के बाद सामान्य सुधार देखने को मिल सकता है।

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