मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दोनों गुटों के बीच जारी सियासी टकराव अब खुलकर सामने आ गया है। सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी के प्रदेशाध्यक्ष सुनील तटकरे ने एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार और राज्यसभा सांसद संजय राउत पर तीखा हमला बोलते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। विधान परिषद में अनिकेत तटकरे के निर्विरोध निर्वाचन के बाद आयोजित कार्यकर्ता बैठक और पत्रकार वार्ता में तटकरे ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
MVA के आरोपों को बताया हार की बौखलाहट
अनिकेत तटकरे की जीत के बाद महाविकास आघाड़ी (एमवीए) नेताओं द्वारा लगाए जा रहे कथित सौदेबाजी के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सुनील तटकरे ने कहा कि विपक्ष अपनी हार पचा नहीं पा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हार-जीत होती रहती है और विपक्ष को विजेताओं का सम्मान करना सीखना चाहिए। तटकरे ने दावा किया कि एमवीए के आरोप निराधार हैं और केवल राजनीतिक हताशा का परिणाम हैं।
रोहित पवार को परिवार पर टिप्पणी न करने की सलाह
रोहित पवार को निशाने पर लेते हुए सुनील तटकरे ने कहा कि उन्हें उनके परिवार पर व्यक्तिगत टिप्पणियां करने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि पवार परिवार का महाराष्ट्र और देश की राजनीति में महत्वपूर्ण योगदान रहा है, लेकिन नई पीढ़ी जिस प्रकार की भाषा का इस्तेमाल कर रही है, वह उनके राजनीतिक संस्कार और व्यक्तिगत स्तर को दर्शाती है। तटकरे ने यह भी याद दिलाया कि रायगड की जनता ने उन्हें जनप्रतिनिधि बनाकर भेजा है और इस जनादेश का सम्मान किया जाना चाहिए।
‘वर्षा’ बंगले के चक्कर लगाने का लगाया आरोप
रोहित पवार के उस बयान पर पलटवार करते हुए, जिसमें उन्होंने भाजपा से अलग होने की स्थिति में दोनों एनसीपी गुटों के एकजुट होने की संभावना जताई थी, सुनील तटकरे ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि रोहित पवार को उन्हें सलाह देने की जरूरत नहीं है क्योंकि उनके पास पूरी जानकारी है कि भाजपा का टिकट हासिल करने के लिए रोहित पवार किन नेताओं के माध्यम से मुख्यमंत्री के आधिकारिक निवास ‘वर्षा’ बंगले के चक्कर लगा रहे थे।
तटकरे ने आरोप लगाया कि हडपसर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा का टिकट पाने के लिए लगातार प्रयास किए गए थे। इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी दावा किया कि महाविकास आघाड़ी सरकार बनने के बाद भी रोहित पवार कर्जत-जामखेड़ विधानसभा सीट से इस्तीफा देकर भाजपा के चुनाव चिह्न पर चुनाव लड़ना चाहते थे और इसके लिए उन्होंने कई वरिष्ठ नेताओं से संपर्क साधा था।
भाजपा से अलग होने का सवाल ही नहीं: तटकरे
एनसीपी के भाजपा में विलय या भाजपा से अलग होने की अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए सुनील तटकरे ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी महायुति का हिस्सा है और भाजपा उनकी प्रमुख सहयोगी पार्टी है। ऐसे में भाजपा से अलग होने का कोई सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने आरोप लगाया कि रोहित पवार जानबूझकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं और दोहरी राजनीति कर रहे हैं।
महाराष्ट्र की राजनीति में बढ़ सकती है बयानबाजी
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एनसीपी के दोनों गुटों के बीच बढ़ती बयानबाजी आने वाले समय में और तेज हो सकती है। विधानसभा और स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियों के बीच दोनों पक्ष एक-दूसरे पर लगातार हमलावर नजर आ रहे हैं, जिससे महाराष्ट्र की राजनीति में सियासी तापमान बढ़ता दिखाई दे रहा है।

