भिवंडी पुलिस को शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक मामले में दिल्ली और आगरा के दो और संदिग्धों की तलाश, डिजिटल और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच जारी।
महाराष्ट्र के बहुचर्चित शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) पेपर लीक मामले में जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। भिवंडी पुलिस की जांच में अब दिल्ली और आगरा के दो और संदिग्धों के नाम सामने आए हैं। पुलिस इन दोनों की तलाश के लिए दिल्ली, आगरा सहित अन्य शहरों में लगातार छापेमारी कर रही है।
अंतरराज्यीय गिरोह के शामिल होने की आशंका
जांच अधिकारियों के अनुसार, अब तक सामने आए तथ्यों से इस मामले में एक अंतरराज्यीय गिरोह के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस का मानना है कि पेपर लीक नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हो सकता है, इसलिए जांच का दायरा व्यापक किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों के डिजिटल और वित्तीय रिकॉर्ड खंगाले जा रहे
भिवंडी पुलिस ने इस मामले में अब तक राजीव साव, आकाश कुमार और धीरज सिंह को गिरफ्तार किया है। इनमें से राजीव साव साइंस ग्रेजुएट बताया गया है।
जांच एजेंसियां तीनों आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल डिटेल, संपर्क सूत्र (कॉन्टैक्ट पर्सन), बैंक लेनदेन, डिजिटल डिवाइस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की गहन जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन डिजिटल और वित्तीय रिकॉर्ड से कई और लोगों की संलिप्तता का खुलासा हो सकता है।
जांच में सामने आ सकते हैं नए नाम
पुलिस को उम्मीद है कि डिजिटल फॉरेंसिक जांच और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल के दौरान इस नेटवर्क से जुड़े कुछ और लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। इसी आधार पर विभिन्न राज्यों में संदिग्धों की तलाश तेज कर दी गई है।
विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना
इस बीच, विधानसभा परिसर में विपक्ष ने टीईटी पेपर लीक और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर राज्य सरकार को घेरा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नाना पटोले सहित विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार विभिन्न भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक होने की घटनाओं को रोकने में विफल रही है।
विपक्ष ने टीईटी और नीट जैसे मामलों की व्यापक एवं निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए आरोप लगाया कि पेपर लीक प्रकरण में राजनीतिक संरक्षण की भी जांच होनी चाहिए। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
एमपीएससी परीक्षा प्रणाली पर भी उठे सवाल
विपक्षी दलों ने टीईटी पेपर लीक मामले के साथ-साथ महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की परीक्षाएं ऑनलाइन कराने के फैसले का भी विरोध किया। नेताओं ने विधान भवन की सीढ़ियों पर प्रदर्शन कर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, सुरक्षा और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की मांग की।
उधर, पुलिस का कहना है कि मामले की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है और दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

