23 अक्टूबर को होगी वोटिंग, 29 सितंबर को जारी होगी अधिसूचना; सपा सभी 11 सीटों पर प्रत्याशी घोषित कर चुकी, भाजपा ने अभी पांच सीटों पर नाम तय किए
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच अब राज्यसभा और विधान परिषद चुनाव भी राजनीतिक हलचल बढ़ाने वाले हैं। राज्य की 11 विधान परिषद सीटों पर 23 अक्टूबर को चुनाव होना है। इनमें पांच खंड स्नातक और छह खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। दूसरी ओर, भाजपा ने पांच सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं, जबकि छह सीटों पर प्रत्याशियों के चयन को लेकर मंथन जारी है।
विधान परिषद की इन 11 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 29 सितंबर को अधिसूचना जारी होगी। उम्मीदवार 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। नामांकन पत्रों की जांच 7 अक्टूबर को होगी, जबकि नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 9 अक्टूबर निर्धारित है। 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना के बाद नतीजे घोषित किए जाएंगे।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के मुताबिक, पांच खंड स्नातक और छह खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से निर्वाचित सदस्यों का कार्यकाल 6 दिसंबर को पूरा हो रहा है।
इन 11 सदस्यों का खत्म हो रहा कार्यकाल
विधान परिषद की जिन 11 सीटों पर चुनाव होना है, उनमें लखनऊ खंड स्नातक से अवनीश कुमार सिंह, वाराणसी से आशुतोष सिन्हा, आगरा से डॉक्टर मानवेंद्र प्रताप सिंह, मेरठ से दिनेश कुमार गोयल और इलाहाबाद-झांसी से डॉक्टर मान सिंह यादव शामिल हैं।
इसके अलावा उमेश द्विवेदी, लाल बिहारी यादव, डॉक्टर आकाश अग्रवाल, श्रीचंद शर्मा, हरि सिंह ढिल्लों और ध्रुव कुमार त्रिपाठी का कार्यकाल भी समाप्त होने जा रहा है।
भाजपा छह सीटों पर उम्मीदवार तय करने में जुटी
भाजपा ने 11 में से पांच सीटों पर अपने प्रत्याशियों के नाम पहले ही घोषित कर दिए हैं। पार्टी की ओर से बाकी छह सीटों के लिए उम्मीदवारों के चयन पर कई स्तरों पर विचार-विमर्श किया जा चुका है। अब इन सीटों पर जल्द नाम घोषित किए जाने की संभावना है।
वहीं, समाजवादी पार्टी सभी 11 सीटों पर अपने प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। ऐसे में भाजपा के लिए बची सीटों पर उम्मीदवारों का चयन चुनावी तैयारियों का अहम हिस्सा बन गया है।
इन सीटों पर भाजपा को करना है नाम का ऐलान
भाजपा को गोरखपुर शिक्षक सीट, प्रयागराज स्नातक सीट, वाराणसी शिक्षक सीट, वाराणसी स्नातक सीट, आगरा शिक्षक सीट और मेरठ स्नातक सीट पर प्रत्याशियों के नाम घोषित करने हैं।
गोरखपुर शिक्षक सीट से शर्मा गुट के एमएलसी रहे ध्रुव कुमार त्रिपाठी और प्रयागराज स्नातक सीट से माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट के प्रदेश अध्यक्ष रहे सुरेश त्रिपाठी के भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की संभावना जताई जा रही है। सुरेश त्रिपाठी ने हाल ही में प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया है।
आगरा स्नातक सीट पर पिछले चुनाव में निर्दलीय जीत दर्ज करने वाले आकाश अग्रवाल भी भाजपा के टिकट की दावेदारी कर रहे हैं। कर्मचारी नेता हरिकिशोर तिवारी और एटा के राहुल गुप्ता का नाम भी दावेदारों में बताया जा रहा है।
भाजपा ने पांच सीटों पर इन्हें दिया टिकट
भाजपा ने जिन पांच सीटों पर उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं, उनमें पार्टी ने मौजूदा चेहरों पर ही भरोसा जताया है।
- लखनऊ-सीतापुर स्नातक सीट: अवनीश कुमार सिंह
- लखनऊ-सीतापुर शिक्षक सीट: उमेश द्विवेदी
- बरेली-मुरादाबाद सीट: हरि सिंह ढिल्लों
- आगरा स्नातक सीट: डॉक्टर मानवेंद्र सिंह
- मेरठ-सहारनपुर सीट: श्रीचंद शर्मा
बाकी छह सीटों पर उम्मीदवारों के नाम घोषित होने का इंतजार है।
तीन जिलों को छोड़कर लागू हुई आचार संहिता
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के अनुसार, विधान परिषद चुनाव के संदर्भ में उत्तर प्रदेश के कानपुर, कानपुर देहात और उन्नाव को छोड़कर बाकी सभी जिलों में आदर्श आचार संहिता के संबंधित प्रावधान लागू हो गए हैं।
चुनाव प्रक्रिया के दौरान आदर्श आचार संहिता भारत निर्वाचन आयोग की ओर से निर्धारित प्रावधानों के अनुसार प्रभावी रहेगी। निर्वाचन आयोग चुनावी प्रक्रिया, उम्मीदवारों के नामांकन और अन्य संबंधित गतिविधियों की निगरानी करता है।

