भारत ए और श्रीलंका ए के बीच खेले गए ट्राई सीरीज फाइनल में 15 वर्षीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया। दांबुला में खेले गए खिताबी मुकाबले में वैभव ने सिर्फ 29 गेंदों में 94 रन की तूफानी पारी खेली और लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक का नया विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। उनकी यह पारी सिर्फ रन बनाने तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसे श्रीलंका ए के खिलाफ करारा जवाब भी माना जा रहा है।
‘ये IPL नहीं है’ वाले तंज का बल्ले से दिया जवाब
ट्राई सीरीज के लीग चरण में श्रीलंका ए के खिलाफ खेले गए दो मुकाबलों में वैभव सूर्यवंशी का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। दोनों पारियों में वह कुल 35 रन ही बना सके थे। दूसरे मुकाबले में सुपर ओवर में भारत ए की हार के बाद श्रीलंका ए के कुछ खिलाड़ियों ने कथित तौर पर वैभव पर तंज कसते हुए कहा था, “ये IPL नहीं है।”
मैच के दौरान दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली थी। हालांकि मामला शांत हो गया, लेकिन फाइनल में वैभव ने अपने बल्ले से जवाब देकर सारी चर्चाओं को खत्म कर दिया।
पहली गेंद से ही श्रीलंकाई गेंदबाजों पर हमला
फाइनल मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने विशेष रूप से तेज गेंदबाज मोहम्मद शिराज को निशाना बनाया, जिन्होंने लीग चरण में उनका विकेट लिया था। वैभव ने शिराज की सिर्फ 8 गेंदों पर 34 रन ठोक दिए, जिसके बाद कप्तान को उन्हें गेंदबाजी आक्रमण से हटाना पड़ा।
उनकी आक्रामक बल्लेबाजी के आगे श्रीलंका ए का कोई भी गेंदबाज प्रभाव नहीं छोड़ सका और भारत ए को विस्फोटक शुरुआत मिली।
11 गेंदों में अर्धशतक, बना नया विश्व रिकॉर्ड
वैभव सूर्यवंशी ने केवल 11 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, जो लिस्ट ए क्रिकेट के इतिहास का सबसे तेज अर्धशतक माना जा रहा है। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
अर्धशतक के बाद भी उनका हमला जारी रहा और ऐसा लगने लगा था कि वह लिस्ट ए क्रिकेट का सबसे तेज शतक भी जड़ देंगे। हालांकि 29वीं गेंद पर आउट होने के कारण वह इस उपलब्धि से चूक गए।
29 गेंदों में 94 रन, स्ट्राइक रेट 324 से अधिक
वैभव ने अपनी यादगार पारी में 29 गेंदों पर 94 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 10 चौके और 8 छक्के लगाए। उनका स्ट्राइक रेट 324.13 का रहा, जो इस स्तर के क्रिकेट में बेहद दुर्लभ माना जाता है।
उनकी इस पारी ने फाइनल मुकाबले का रुख पूरी तरह भारत ए के पक्ष में मोड़ दिया और क्रिकेट विशेषज्ञों को उनके उज्ज्वल भविष्य की झलक भी दिखाई।
सबसे ज्यादा छक्कों के साथ खत्म की ट्राई सीरीज
फाइनल में लगाए गए 8 छक्कों की बदौलत वैभव सूर्यवंशी ट्राई सीरीज में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने पूरे टूर्नामेंट में कुल 11 छक्के लगाए और इस सूची में शीर्ष स्थान पर रहे। खास बात यह रही कि सीरीज में 10 या उससे अधिक छक्के लगाने वाले वह इकलौते बल्लेबाज रहे।
15 साल की उम्र में इस तरह का प्रदर्शन कर वैभव सूर्यवंशी ने न सिर्फ भारत ए की उम्मीदों को मजबूत किया है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के भविष्य के बड़े सितारे के रूप में अपनी दावेदारी भी पेश कर दी है।

