50 घंटे की मतगणना के बीच बीजेपी प्रत्याशी ने मानी हार, सपा की बढ़त 16 हजार पार

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वाराणसी स्नातक एमएलसी चुनाव में आशुतोष सिन्हा आगे चल रहे हैं। हालांकि, दूसरी वरीयता के वोटों की गिनती के बाद ही आधिकारिक नतीजा घोषित होगा।

वाराणसी स्नातक एमएलसी चुनाव में करीब 50 घंटे से मतगणना जारी है। इस बीच समाजवादी पार्टी (सपा) के उम्मीदवार आशुतोष सिन्हा ने बीजेपी प्रत्याशी केदारनाथ सिंह पर बड़ी बढ़त बना रखी है। मतगणना पूरी होने से पहले ही केदारनाथ सिंह ने जनादेश स्वीकार करते हुए अपनी हार मान ली है।

केदारनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पर मतदाताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार जताया। वहीं, सपा कार्यकर्ता इसे अपनी जीत के तौर पर देख रहे हैं। हालांकि, दूसरी वरीयता के मतों की गिनती जारी होने के कारण सीट का आधिकारिक परिणाम अभी घोषित नहीं हुआ है।

केदारनाथ सिंह ने जनादेश स्वीकार किया

बीजेपी प्रत्याशी केदारनाथ सिंह ने फेसबुक पर लिखा कि वाराणसी खंड के सभी स्नातक मतदाताओं का वह दिल से आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने अपने मत के जरिए उन पर विश्वास जताया और स्नेह दिया।

उन्होंने कहा कि चुनाव में जीत नहीं मिलने के बावजूद मतदाताओं का सहयोग और विश्वास उनके लिए अमूल्य है। राजनीति को उन्होंने केवल सत्ता और पद हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने और जनसेवा का प्रयास बताया।

केदारनाथ सिंह ने यह भी कहा कि वह आगे भी पहले की तरह लोगों के बीच रहेंगे और स्नातक समाज के हितों के लिए आवाज उठाते रहेंगे।

सपा ने काशी में जीत का किया दावा

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. अनुराग भदौरिया ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट कर पार्टी की बढ़त को लेकर खुशी जताई। उन्होंने लिखा कि प्रभु का आशीर्वाद समाजवादियों के साथ है। उन्होंने अयोध्या के बाद काशी, मथुरा और प्रयागराज में भी जीत का दावा किया।

भदौरिया ने कहा कि सपा के लिए आस्था का अर्थ प्रभु के आदर्शों और आचरण को अपनाना है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग प्रभु के नाम पर राजनीति करते हैं, उन्हें लगातार हार का सामना करना पड़ रहा है।

आशुतोष सिन्हा को 16,990 से अधिक वोटों की बढ़त

गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, नौवें चक्र की मतगणना पूरी होने तक सपा उम्मीदवार आशुतोष सिन्हा को 50,462 वोट मिले थे, जबकि बीजेपी प्रत्याशी केदारनाथ सिंह को 31,189 वोट मिले। इस तरह सपा उम्मीदवार की बढ़त 16,990 से अधिक बताई गई।

आशुतोष सिन्हा पहली वरीयता के मतों में जीत के लिए जरूरी 59,001 वोटों का आंकड़ा हासिल नहीं कर सके। इसलिए अब दूसरी वरीयता के मतों की गिनती की जा रही है। इसी प्रक्रिया के बाद अंतिम परिणाम घोषित होगा।

इस सीट पर 23 सितंबर को मतदान हुआ था, जिसमें कुल 1,18,000 वोट पड़े थे।

मतगणना के दौरान सपा-बीजेपी में आरोप-प्रत्यारोप

मतगणना के दौरान दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने चुनाव पर्यवेक्षक और आईएएस अधिकारी प्रांजल यादव पर पक्षपात करने तथा मतगणना में गड़बड़ी कराने का आरोप लगाया। इसके विरोध में मतगणना केंद्र के बाहर धरना और प्रदर्शन भी किया गया। इसके बाद पांचवें चक्र की दोबारा गिनती हुई।

वहीं, सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मतगणना रोकने और धीमी गति से कराने का आरोप लगाया था। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से रातभर मतगणना केंद्र पर रुकने और सतर्क रहने की अपील की थी।

बीजेपी प्रत्याशी के हार स्वीकार करने के बाद सपा कार्यकर्ता जश्न मनाते दिखाई दिए। हालांकि, दूसरी वरीयता के मतों की गिनती पूरी होने और आधिकारिक घोषणा के बाद ही चुनाव का अंतिम परिणाम स्पष्ट होगा।

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