शैक्षणिक सत्र 2026-27 में पश्चिम बंगाल में एमबीबीएस सीटों में बड़ा इजाफा, राज्य में कुल सीटें 7,200 तक पहुंचने का दावा; अगले दो साल में 10 हजार सीटों का लक्ष्य
नीट यूजी की तैयारी कर रहे मेडिकल छात्रों के लिए पश्चिम बंगाल से राहत की खबर है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए राज्य में एमबीबीएस सीटों की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है। दुर्गापुर में एक नए प्राइवेट मेडिकल कॉलेज के उद्घाटन के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने राज्य में बढ़ी मेडिकल सीटों की जानकारी साझा की।
बंगाल में जुड़ीं 975 नई एमबीबीएस सीटें
स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव नारायण स्वरूप निगम के मुताबिक, हाल के महीनों में पश्चिम बंगाल में 975 नई एमबीबीएस सीटें जोड़ी गई हैं। इसके बाद राज्य में कुल एमबीबीएस सीटों की संख्या 7,200 तक पहुंचने की बात कही गई है।
राज्य सरकार ने अगले दो वर्षों में एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ाकर 10,000 करने का लक्ष्य रखा है।
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की सीट मैट्रिक्स के अनुसार, सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में सीटों का विस्तार किया गया है।
सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ीं
राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 475 सीटें बढ़ाए जाने की जानकारी दी गई है। वहीं निजी मेडिकल कॉलेजों में 500 नई सीटें जोड़ी गई हैं। निजी क्षेत्र की बढ़ी सीटों में दुर्गापुर के नए मेडिकल कॉलेज की 150 सीटें भी शामिल हैं।
नए मेडिकल कॉलेजों की शुरुआत
राज्य में मेडिकल शिक्षा का विस्तार करते हुए कृष्णानगर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज ने 150 एमबीबीएस सीटों के साथ शुरुआत की है। वहीं जाकिर हुसैन मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर की क्षमता 50 से बढ़ाकर 100 सीट कर दी गई है।
इसके अलावा राज्य द्वारा संचालित आठ सरकारी मेडिकल कॉलेजों में भी एमबीबीएस सीटों की संख्या बढ़ाई गई है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शारद्वत मुखर्जी के मुताबिक, राज्य में वर्तमान में 24 सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं और जल्द ही दो नए सरकारी मेडिकल कॉलेज शुरू किए जाएंगे। दुर्गापुर के नए संस्थान के साथ राज्य में प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों की संख्या 16 हो गई है।
देश में 9,911 नई एमबीबीएस सीटों को मंजूरी
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड ने इस साल देशभर में 9,911 नई एमबीबीएस सीटों को मंजूरी दी है। इसके बाद भारत के 823 मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस सीटों की कुल क्षमता 1,36,939 तक पहुंचने की जानकारी दी गई है।
पश्चिम बंगाल में सीटों की संख्या बढ़ने से मेडिकल शिक्षा के लिए राज्य में उपलब्ध अवसरों का दायरा बढ़ेगा। सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में सीटों की संख्या में और विस्तार करना है।

