केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के दिल्ली दौरे को लेकर सियासी अटकलें तेज हो गई थीं। हालांकि अब फडणवीस ने खुद इन चर्चाओं पर विराम लगाते हुए साफ कर दिया है कि वह महाराष्ट्र में ही रहेंगे और दिल्ली नहीं जाएंगे।
नीट पेपर लीक मामले के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के अचानक दिल्ली दौरे ने राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाओं को जन्म दिया। कयास लगाए जा रहे थे कि उन्हें केंद्र सरकार में शिक्षा मंत्री की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
हालांकि अब मुख्यमंत्री फडणवीस ने इन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह महाराष्ट्र में ही रहेंगे और दिल्ली जाने का कोई सवाल नहीं है।
दिल्ली दौरे के बाद तेज हुई थीं अटकलें
मुख्यमंत्री के अचानक दिल्ली जाने और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात को लेकर काफी गोपनीयता बरती गई थी। इसके बाद राजनीतिक हलकों में उनके केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने की चर्चा तेज हो गई।
इसी बीच शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत ने दावा किया था कि देवेंद्र फडणवीस को केंद्र सरकार में नया शिक्षा मंत्री बनाया जा सकता है।
अमृता फडणवीस ने भी दिया था संकेत
इससे पहले पंढरपुर में मुख्यमंत्री की पत्नी अमृता फडणवीस ने भी इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा था कि उनका परिवार महाराष्ट्र में ही रहेगा।
उन्होंने कहा, “हम नागपुर, पंढरपुर या मुंबई में रहें, हमेशा विट्ठल की पूजा करेंगे। हमें महाराष्ट्र में ही रहना है और मैं देवेंद्र को भी महाराष्ट्र में ही रखूंगी।”
मुख्यमंत्री ने खुद दिया जवाब
नागपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट कहा कि वह शाम को मुंबई लौटेंगे और महाराष्ट्र में ही अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे।
पिछले कुछ समय से उनके केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने की चर्चाएं चल रही थीं। संसद का मानसून सत्र जारी होने और संभावित मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों के बीच इन चर्चाओं ने और जोर पकड़ लिया था। हालांकि मुख्यमंत्री के ताजा बयान के बाद इन सभी अटकलों पर फिलहाल विराम लग गया है।

