तमिलनाडु में अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (टीवीके) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। चेन्नई के 25 से अधिक स्थानीय पदाधिकारियों ने पार्टी से इस्तीफा देकर द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) का दामन थाम लिया। नेताओं ने पुराने कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए यह फैसला लिया।
डीएमके में शामिल हुए 25 से अधिक पदाधिकारी
चेन्नई के सैदापेट में आयोजित एक कार्यक्रम में वरिष्ठ डीएमके नेता और पूर्व मंत्री मा. सुब्रमणियन ने टीवीके छोड़कर आए नेताओं का पार्टी में स्वागत किया। टीवीके छोड़ने वाले नेताओं का कहना है कि संगठन की शुरुआत से जुड़े पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं की लगातार अनदेखी की गई, जबकि हाल में शामिल हुए लोगों को अधिक जिम्मेदारियां दी गईं।
संतोष के नेतृत्व में हुआ सामूहिक इस्तीफा
इस समूह का नेतृत्व पुजुथिवक्कम वार्ड-186 इकाई के पूर्व संयुक्त सचिव संतोष ने किया। उनके साथ युवा विंग संयोजक शिवनेसन, क्षेत्रीय कोषाध्यक्ष कार्तिक और कई अन्य स्थानीय पदाधिकारी भी डीएमके में शामिल हुए। संतोष ने कहा कि उन्होंने कई बार पार्टी नेतृत्व के सामने अपनी शिकायतें रखीं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। इसके बाद सामूहिक रूप से पार्टी छोड़ने का फैसला लिया गया।
पुराने कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप
टीवीके छोड़ने वाले नेताओं का आरोप है कि वर्षों से संगठन को मजबूत करने वाले जमीनी कार्यकर्ताओं को न तो उचित सम्मान मिला और न ही संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गईं। इसके विपरीत हाल में जुड़े लोगों को प्राथमिकता दी गई, जिससे पुराने कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ता गया।
‘विजय के कारण जुड़े थे, लेकिन उम्मीदें पूरी नहीं हुईं’
संतोष ने कहा कि अभिनेता विजय के प्रति आकर्षण के कारण वह टीवीके से जुड़े थे, लेकिन पार्टी कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर सकी। उन्होंने विश्वास जताया कि डीएमके में शामिल होकर वे जनता के लिए अधिक प्रभावी ढंग से काम कर सकेंगे।
तमिलनाडु की राजनीति में बढ़ी हलचल
टीवीके के कई स्थानीय पदाधिकारियों के एक साथ डीएमके में शामिल होने से तमिलनाडु की राजनीति में नई हलचल पैदा हो गई है। राज्य में संगठनात्मक मजबूती को लेकर सत्तारूढ़ टीवीके और विपक्षी डीएमके के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा लगातार तेज होती जा रही है।

