मुंबई: मुंबई के वर्ली स्थित NSCI Dome में आयोजित ‘जन-आक्रोश महिला सम्मेलन’ के जरिए महाराष्ट्र की राजनीति में ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर घमासान तेज हो गया है। इस सम्मेलन में हजारों महिलाओं की मौजूदगी ने आगामी चुनावी माहौल को और गरमा दिया है।
फडणवीस का विपक्ष पर तीखा हमला
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने संबोधन में कांग्रेस और I.N.D.I.A. गठबंधन पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन बिल’ महिलाओं के सम्मान और राजनीतिक सशक्तिकरण के लिए लाया गया था, लेकिन विपक्ष ने संसद में बाधाएं डालकर अपनी संकीर्ण मानसिकता दिखाई।
फडणवीस ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने केवल औपचारिक समर्थन दिखाया, जबकि निर्णायक समय पर महिला आरक्षण के मुद्दे को कमजोर करने की कोशिश की।
महान महिला विभूतियों को श्रद्धांजलि
सम्मेलन से पहले सीएम फडणवीस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए
राजमाता जीजाऊ,
महारानी ताराबाई,
अहिल्यादेवी होल्कर और
सावित्रीबाई फुले
को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि इन महान महिलाओं की प्रेरणा से ही महिला सशक्तिकरण की दिशा में काम किया जा रहा है।
33% आरक्षण के लिए जारी रहेगा आंदोलन
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ‘नारी शक्ति वंदन मोर्चा’ तब तक जारी रहेगा जब तक संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण नहीं मिल जाता। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने दशकों तक इस मुद्दे को लटकाए रखा और कभी गंभीरता नहीं दिखाई।
उन्होंने कहा, “यह संघर्ष तब तक खत्म नहीं होगा जब तक हमारी बहनों की भागीदारी सुनिश्चित नहीं हो जाती।”
दिग्गज नेताओं की मौजूदगी
इस शक्ति प्रदर्शन में भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया।
रवींद्र चव्हाण,
चित्रा वाघ,
अमित साटम,
पंकजा मुंडे,
माधुरी मिसाल,
मेघना बोर्डिकर और
रितु तावड़े
सहित कई विधायक और पदाधिकारी मौजूद रहे।
सम्मेलन में उमड़ी भीड़ ने साफ संकेत दिया है कि आगामी चुनावों में महिला आरक्षण और सशक्तिकरण एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनने जा रहा है।

