मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में सोमवार का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। लंबे समय से चर्चा में रहे ‘ऑपरेशन टाइगर’ के तहत शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) से दूरी बना चुके बागी सांसद आज आधिकारिक रूप से उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने जा रहे हैं। इस राजनीतिक घटनाक्रम को उद्धव ठाकरे के लिए एक और बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है।
दोपहर 3 बजे होगा औपचारिक प्रवेश
सूत्रों के अनुसार, पूर्व सांसद संजय दीना पाटिल समेत सभी बागी सांसद सोमवार दोपहर 3 बजे आयोजित विशेष कार्यक्रम में शिवसेना की सदस्यता ग्रहण करेंगे। इस मौके पर एकनाथ शिंदे स्वयं सभी नेताओं का स्वागत करेंगे और उन्हें पार्टी का भगवा झंडा सौंपेंगे।
दलबदल के इस बड़े आयोजन को लेकर शिंदे गुट ने व्यापक तैयारियां की हैं। कार्यक्रम से पहले संबंधित दस्तावेज और दिल्ली में मौजूद सांसदों की तस्वीरें भी मीडिया के साथ साझा किए जाने की योजना बनाई गई है।
कलिना एयरपोर्ट से शुरू होगा राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन
बागी सांसदों के मुंबई आगमन से लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस तक पूरे दिन का विस्तृत कार्यक्रम तय किया गया है।
दोपहर 1 बजे: दिल्ली से मुंबई रवाना
सभी बागी सांसद दिल्ली के एक होटल से निकलकर चार्टर्ड विमान के जरिए मुंबई पहुंचेंगे। उनका विमान कलिना एयरपोर्ट पर उतरेगा, जहां समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा उनका स्वागत किया जाएगा।
दोपहर 2 बजे: रणनीतिक बैठक
मुंबई पहुंचने के बाद सांसदों की शिंदे गुट के वरिष्ठ नेताओं और रणनीतिकारों के साथ बंद कमरे में अहम बैठक होगी। इस दौरान आगे की राजनीतिक रणनीति और संगठनात्मक भूमिका पर चर्चा किए जाने की संभावना है।
दोपहर 3 बजे: शिवसेना में शामिल होने का कार्यक्रम
निर्धारित समारोह में सभी सांसद औपचारिक रूप से शिवसेना में शामिल होंगे। इसे शिंदे गुट अपनी राजनीतिक मजबूती और संगठन विस्तार के रूप में पेश कर रहा है।
शाम 4 बजे: संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस
दलबदल के बाद सभी सांसद एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे। इस दौरान वे उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ने के कारणों और अपने राजनीतिक फैसले पर विस्तार से बात करेंगे। राजनीतिक गलियारों की नजरें इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हुई हैं।
उद्धव ठाकरे खेमे के लिए बड़ा राजनीतिक झटका
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है। लोकसभा चुनाव में पार्टी के चुनाव चिह्न और संगठन के आधार पर जीत दर्ज करने वाले नेताओं का शिंदे गुट में जाना महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरण बना सकता है।
मनोज झा ने दलबदल पर उठाए सवाल
इस पूरे घटनाक्रम पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राज्यसभा सांसद Manoj Jha ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ऐसे नेताओं को केवल बागी कहना पर्याप्त नहीं है, क्योंकि उन्होंने शिवसेना (UBT) के चुनाव चिह्न पर जनता से वोट मांगे थे।
मनोज झा ने आरोप लगाया कि इस तरह की राजनीतिक इंजीनियरिंग केवल किसी एक पार्टी का संकट नहीं बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चुनौती है। उनके अनुसार यह केवल उद्धव ठाकरे के साथ विश्वासघात नहीं बल्कि उन मतदाताओं के साथ भी अन्याय है जिन्होंने विपक्षी गठबंधन पर भरोसा जताया था।
प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी राजनीतिक नजरें
शाम 4 बजे होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर राजनीतिक हलकों में उत्सुकता बढ़ गई है। माना जा रहा है कि बागी सांसद अपने फैसले के पीछे की वजहों को सार्वजनिक करेंगे, जिससे महाराष्ट्र की राजनीति में आगे की दिशा और स्पष्ट हो सकती है।

