तमिलनाडु की राजनीति में इन दिनों सियासी बयानबाजी तेज होती जा रही है। सत्तारूढ़ दल और विपक्ष के बीच चल रही राजनीतिक जंग अब व्यक्तिगत टिप्पणियों तक पहुंच गई है। ताजा विवाद उस समय खड़ा हुआ जब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन ने मुख्यमंत्री जोसेफ विजय को लेकर ऐसी टिप्पणी की, जिसे उनके निजी जीवन और तलाक मामले से जोड़कर देखा जा रहा है। इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में नया विवाद शुरू हो गया है और तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) ने इसे अपमानजनक बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
विजय के तलाक मामले पर टिप्पणी से मचा बवाल
विधानसभा में बोलते हुए उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि तमिलनाडु के लोग उस पत्नी की कहानी जानते हैं जो चेंगलपट्टू कोर्ट में अपने पति को खोज रही है। राजनीतिक गलियारों में इस बयान को मुख्यमंत्री विजय की पत्नी संगीता सोर्नलिंगम द्वारा दिसंबर 2025 में दायर तलाक याचिका से जोड़कर देखा जा रहा है।
बताया जा रहा है कि यह मामला फिलहाल चेंगलपट्टू फैमिली कोर्ट में विचाराधीन है और इसकी अगली सुनवाई 7 अगस्त को निर्धारित है। उदयनिधि की इस टिप्पणी के बाद TVK नेताओं ने इसे व्यक्तिगत हमला बताते हुए नाराजगी जाहिर की है।
किसानों के मुद्दे को लेकर विजय पर साधा निशाना
उदयनिधि स्टालिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी मुख्यमंत्री विजय पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि विजय ने किसानों के आंदोलन को विपक्षी दलों से प्रेरित बताकर किसानों का अपमान किया है।
उनका कहना था कि किसानों के आंदोलन को “छोटी कहानी” बताना उनकी भावनाओं और संघर्ष का अनादर है। इसी संदर्भ में उन्होंने विजय पर कटाक्ष करते हुए विवादित टिप्पणी की, जिसने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया।
विधानसभा में विजय ने DMK सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
इस विवाद की शुरुआत मुख्यमंत्री विजय के विधानसभा भाषण से मानी जा रही है। अपने संबोधन में विजय ने एक ‘लापता व्यक्ति’ की कहानी सुनाई, जिसे विपक्ष ने पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पर अप्रत्यक्ष हमला बताया।
विजय ने दावा किया कि उनकी सरकार सार्वजनिक धन के कथित दुरुपयोग के खिलाफ कार्रवाई करेगी और ‘पार्टी फंड’ के नाम पर एकत्र किए गए पैसों की जांच कराएगी। इस बयान पर डीएमके विधायकों ने जोरदार विरोध दर्ज कराया।
हालांकि विधानसभा अध्यक्ष ने हस्तक्षेप की अनुमति नहीं दी और मुख्यमंत्री को अपना भाषण पूरा करने की छूट दी, लेकिन विपक्षी सदस्यों का विरोध जारी रहा।
पुष्पा स्टाइल वाले इशारे ने भी बटोरी सुर्खियां
करीब 45 मिनट के अपने भाषण के अंत में मुख्यमंत्री विजय ने खाली विपक्षी बेंचों की ओर इशारा किया, जिसे कई लोगों ने फिल्म ‘पुष्पा’ के चर्चित अंदाज से जोड़कर देखा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह इशारा पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के उस वायरल हाथ के संकेत की प्रतिक्रिया था, जो उन्होंने कांग्रेस के साथ चुनावी समझौते के बाद दिया था। इस वजह से यह दृश्य भी सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।
‘विधानसभा को सिनेमा हॉल बना दिया गया’ : उदयनिधि
विजय के भाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए उदयनिधि स्टालिन ने इसे “रील्स के लिए तैयार किया गया भाषण” बताया। उन्होंने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही को सिनेमा हॉल में बदल दिया गया है और पूरा भाषण सोशल मीडिया पर वायरल होने के उद्देश्य से तैयार किया गया था।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री का भाषण पूरी तरह स्क्रिप्टेड और बनावटी लग रहा था। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर यही स्थिति रही तो अगली बार विधानसभा में मेकअप आर्टिस्ट, स्टंट मास्टर और फिल्मी टीम भी दिखाई दे सकती है।
तमिलनाडु की राजनीति में बढ़ रही तल्खी
मुख्यमंत्री विजय और विपक्षी दल डीएमके के बीच जारी बयानबाजी अब व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच चुकी है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए दोनों पक्षों के बीच सियासी संघर्ष और तेज हो सकता है। फिलहाल उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणी और उस पर TVK की प्रतिक्रिया तमिलनाडु की राजनीति में चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है।

