UP DElEd Result 2024: पहले सेमेस्टर में 57% प्रशिक्षु फेल, आधे से ज्यादा अभ्यर्थी असफल

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डीएलएड 2024 बैच के 1.84 लाख में से 1.01 लाख फेल; जानें स्क्रूटनी और बैक पेपर के नियम

प्रयागराज: उत्तर प्रदेश में डीएलएड (पूर्व में BTC) 2024 बैच के प्रथम सेमेस्टर का परिणाम जारी कर दिया गया है। परीक्षा नियामक प्राधिकारी, उत्तर प्रदेश द्वारा जारी रिजल्ट के अनुसार इस बार परिणाम चौंकाने वाले रहे हैं।

डीएलएड 2024 प्रथम सेमेस्टर में पंजीकृत 1,84,576 प्रशिक्षुओं में से 1,01,279 (57 प्रतिशत) प्रशिक्षु फेल हो गए हैं, जबकि केवल 78,125 (43 फीसदी) ही पास हो सके हैं। 3,525 प्रशिक्षु अनुपस्थित रहे, 1,334 का परिणाम अपूर्ण है, 309 का रिजल्ट रोका गया है और चार अभ्यर्थी अनुचित साधन का प्रयोग करते पकड़े गए।

अन्य बैचों का भी जारी हुआ रिजल्ट

  • डीएलएड 2023 तृतीय सेमेस्टर: 1,44,493 में से 1,42,973 परीक्षा में शामिल हुए। 1,10,264 (77%) पास, 32,548 फेल, 1,520 अनुपस्थित।
  • डीएलएड 2023 प्रथम सेमेस्टर: 56,546 में से 55,262 शामिल, 34,521 (62%) पास, 20,723 फेल।
  • डीएलएड 2022 तृतीय सेमेस्टर: 16,494 में से 15,682 शामिल, 10,184 (65%) पास।
  • डीएलएड 2022 प्रथम सेमेस्टर: 8,851 में से 7,837 शामिल, 4,814 (61%) सफल।
  • डीएलएड 2021 तृतीय सेमेस्टर: 6,041 में से 3,600 (61%) पास।
  • डीएलएड 2021 प्रथम सेमेस्टर: 1,347 में से 470 (39%) सफल।

परीक्षाएं अक्टूबर और नवंबर 2025 में आयोजित की गई थीं।

यहां देखें रिजल्ट

  • डीएलएड (BTC) 2018, 2021 एवं 2023 का परिणाम: www.btcexam.in
  • डीएलएड 2017, 2019, 2022 एवं 2024 का परिणाम: www.updeledinfo.in

बैक या फेल होने पर क्या करें?

  • यदि किसी सेमेस्टर में अधिकतम 2 विषयों में फेल/बैक हैं, तो केवल उन्हीं विषयों की पुनः परीक्षा देनी होगी।
  • यदि 3 या उससे अधिक विषयों में फेल हैं, तो पूरा सेमेस्टर दोबारा करना होगा।
  • दो विषयों में अनुत्तीर्ण होने पर अगले सेमेस्टर में पुनः लिखित परीक्षा की अनुमति मिलेगी।
  • यदि दो विषयों में फेल और आंतरिक मूल्यांकन में D ग्रेड है, तो संबंधित विषयों में पुनः प्रशिक्षण लेना होगा।

स्क्रूटनी (अंकानुसंधान) के नियम

  • परिणाम घोषित होने के 30 दिन के भीतर आवेदन करना होगा।
  • अधिकतम दो विषयों की ही स्क्रूटनी कराई जा सकती है।
  • प्रति प्रश्नपत्र 100 रुपये का बैंक ड्राफ्ट सचिव, परीक्षा नियामक प्राधिकारी उ.प्र., प्रयागराज के पक्ष में देना होगा।
  • स्क्रूटनी केवल एक बार होगी।
  • प्रायोगिक परीक्षा में स्क्रूटनी का प्रावधान नहीं है।
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