दुनिया का सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग ऐप WhatsApp अब अपने यूजर्स के लिए एक बड़ा बदलाव लेकर आया है। मेटा के स्वामित्व वाले इस प्लेटफॉर्म ने वैश्विक स्तर पर Username फीचर को रोलआउट करना शुरू कर दिया है। इस नए अपडेट के बाद यूजर्स को किसी अजनबी या नए व्यक्ति से बातचीत करने के लिए अपना मोबाइल नंबर साझा करने की जरूरत नहीं होगी।
सोमवार से शुरू हुई यूजरनेम रिजर्वेशन प्रक्रिया
WhatsApp ने यूजरनेम रिजर्व करने की सुविधा सोमवार से शुरू कर दी है। हालांकि यह फीचर पूरी तरह से सभी यूजर्स के लिए इस साल के अंत तक सक्रिय होगा, लेकिन अभी से यूजर्स अपनी पसंद का यूनिक यूजरनेम रिजर्व कर सकते हैं।
जैसे ही यह फीचर आपके अकाउंट पर उपलब्ध होगा, ऐप में आपको इसका नोटिफिकेशन मिल जाएगा।
प्राइवेसी को मिलेगा नया स्तर
मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग के अनुसार, यह फीचर यूजर्स की प्राइवेसी को और मजबूत बनाने के लिए तैयार किया गया है। अभी तक WhatsApp पर बातचीत के लिए फोन नंबर जरूरी होता था, जो एक संवेदनशील निजी जानकारी है।
अब यूजरनेम सिस्टम के जरिए लोग बिना नंबर साझा किए भी एक-दूसरे से जुड़ सकेंगे, जिससे प्राइवेसी को नया आयाम मिलेगा।
WhatsApp में नहीं होगी पब्लिक डायरेक्टरी
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यूजरनेम फीचर किसी सोशल मीडिया हैंडल की तरह सार्वजनिक नहीं होगा। यानी WhatsApp पर कोई पब्लिक डायरेक्टरी या सर्च सजेशन लिस्ट नहीं होगी।
किसी भी व्यक्ति से संपर्क करने के लिए उसके सटीक यूजरनेम का पता होना जरूरी होगा।
‘Username Key’ से बढ़ेगी सुरक्षा
WhatsApp सिर्फ यूजरनेम तक ही सीमित नहीं है, बल्कि सुरक्षा के लिए एक अतिरिक्त लेयर भी जोड़ रहा है, जिसे Username Key कहा जा रहा है।
इस फीचर के तहत, अगर कोई व्यक्ति पहली बार आपके यूजरनेम के जरिए मैसेज भेजता है, तो उसे एक खास ‘की’ की जरूरत होगी। यूजर इस की को कभी भी बदल सकते हैं, जिससे स्पैम और अनचाहे मैसेज पर रोक लगाई जा सकेगी।
WhatsApp में बड़े बिजनेस बदलाव की भी चर्चा
इस तकनीकी अपडेट के बीच एक बड़ी खबर यह भी सामने आई है कि CRED के फाउंडर कुणाल शाह जल्द ही WhatsApp के अगले ग्लोबल CEO के रूप में मेटा से जुड़ सकते हैं।
इसके साथ ही मेटा द्वारा CRED में लगभग 900 मिलियन डॉलर (करीब 8,550 करोड़ रुपये) के निवेश की भी चर्चा है, जिसे भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
यूजर्स के लिए क्यों खास है यह बदलाव?
यह नया फीचर WhatsApp को सिर्फ मैसेजिंग ऐप से आगे बढ़ाकर एक अधिक सुरक्षित और प्राइवेसी-फोकस्ड प्लेटफॉर्म बना सकता है। खासकर उन यूजर्स के लिए यह बदलाव अहम होगा जो अनजान लोगों से बातचीत के दौरान अपना नंबर साझा नहीं करना चाहते।

