
महिला विश्वकप 2025 की चैम्पियन बनी भारत की बेटियां। ये सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रहा। शुरुआती जीत से लगा कि राह आसान होगी, लेकिन बीच के मुश्किल मुकाबलों में हार के बाद टीम को करो या मरो की स्थिति तक पहुंचना पड़ा।
⚔️ करो या मरो मैच में स्मृति-प्रतिका का शतक
न्यूजीलैंड के खिलाफ लीग चरण का छठा मैच निर्णायक साबित हुआ। टॉस हारने के बाद भारत की ओपनर जोड़ी स्मृति मंधाना और प्रतिका रावल ने 212 रनों की साझेदारी की।
- प्रतिका रावल: 134 गेंदों में 122 रन
- स्मृति मंधाना: 95 गेंदों में 109 रन
भारत ने 340 रन बनाए और बारिश से प्रभावित मैच में न्यूजीलैंड को 53 रनों से हराकर सेमीफाइनल में जगह पक्की की।
🚑 सेमीफाइनल से पहले झटका – प्रतिका टूर्नामेंट से बाहर
सेमीफाइनल से ठीक पहले बुरी खबर आई। करो या मरो मैच की नायिका प्रतिका रावल चोटिल होकर बाहर हो गईं। उनकी जगह शेफाली वर्मा को टीम में शामिल किया गया। भारत चौथे स्थान पर रहते हुए सेमीफाइनल में पहुंचा, जहां सामना था सात बार की विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया से।
🌟 सेमीफाइनल: जेमिमा रॉड्रिग्स का मैजिक
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मुकाबला विश्वकप का सबसे रोमांचक मैच साबित हुआ।
- पहले बल्लेबाजी में ऑस्ट्रेलिया ने 338 रन बनाए।
- भारत के लिए 339 रन का रिकॉर्ड चेज करना था।
59 रन पर दो विकेट गिरने के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर (89) और जेमिमा रॉड्रिग्स (127 नाबाद) ने ऐतिहासिक साझेदारी की। भारत ने 339 रन का लक्ष्य हासिल कर इतिहास रच दिया। जेमिमा को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।
🏁 फाइनल: शेफाली वर्मा का स्वर्णिम दिन
27 अक्टूबर 2025, फाइनल में शेफाली वर्मा की जिंदगी का सबसे बड़ा दिन साबित हुआ।
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए
- शेफाली वर्मा: 87 रन
- स्मृति मंधाना: 45 रन
- दीप्ति शर्मा: 54 रन
की बदौलत 298 रन बनाए। दक्षिण अफ्रीका ने दो विकेट पर 114 रन बनाकर मजबूत शुरुआत की, लेकिन फिर शेफाली ने दो विकेट और दीप्ति शर्मा ने चार विकेट लेकर मैच पलट दिया।
🥇 भारत महिला विश्वकप चैंपियन
दीप्ति शर्मा के शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन ने भारत को जीत दिलाई।
- शेफाली वर्मा: प्लेयर ऑफ द फाइनल
- दीप्ति शर्मा: प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट
भारत ने पहली बार महिला विश्वकप ट्रॉफी अपने नाम की और देशभर में जश्न का माहौल छा गया।
💬 कप्तान हरमनप्रीत कौर बोलीं
“यह जीत हर उस लड़की को समर्पित है जिसने कभी क्रिकेट का बैट उठाया। हमने सिर्फ मैच नहीं, एक सपने को जीता है।”

