नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और इजरायल-ईरान के बीच फिर से युद्ध की आशंकाओं के बीच घरेलू कमोडिटी बाजार में सोमवार को सोना और चांदी दोनों दबाव में नजर आए। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कीमती धातुओं में भारी गिरावट दर्ज की गई। बाजार खुलते ही निवेशकों की सतर्कता और वैश्विक संकेतों के प्रभाव से सोने और चांदी की कीमतों में तेज कमजोरी देखने को मिली।
MCX पर सोना 2,000 रुपये तक लुढ़का
सोमवार सुबह एमसीएक्स पर सोने की कीमत में लगभग 0.82 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के दौरान सोना करीब 2,000 रुपये टूटकर 10 ग्राम के लिए 1,54,315 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले कारोबारी सत्र की तुलना में यह गिरावट निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजारों में बढ़ती अनिश्चितता, डॉलर की चाल और निवेशकों की मुनाफावसूली के कारण सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।
चांदी में 6,000 रुपये से ज्यादा की गिरावट
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी बड़ी कमजोरी देखने को मिली। एमसीएक्स पर चांदी करीब 1.64 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार करती नजर आई। कारोबार के दौरान चांदी में 6,000 रुपये से अधिक की गिरावट दर्ज की गई और इसका भाव 2,44,469 रुपये के स्तर तक फिसल गया।
चांदी में लगभग 2 प्रतिशत की कमजोरी ने निवेशकों का ध्यान आकर्षित किया है। औद्योगिक मांग और वैश्विक आर्थिक संकेतकों का असर भी चांदी की कीमतों पर देखने को मिल रहा है।
वैश्विक तनाव के बीच निवेशकों की नजर बाजार पर
इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों में अस्थिरता बढ़ा दी है। निवेशक फिलहाल वैश्विक घटनाक्रम, अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और केंद्रीय बैंकों की नीतियों पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में भू-राजनीतिक घटनाओं और वैश्विक बाजार की दिशा के आधार पर सोने-चांदी की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
विश्लेषकों के अनुसार, मौजूदा परिस्थितियों में कीमती धातुओं में अस्थिरता बनी रह सकती है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में निर्णय लेने के बजाय बाजार के रुझानों और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर नजर रखनी चाहिए। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक तनाव बढ़ने या कम होने के अनुसार सोना और चांदी दोनों में तेज मूवमेंट देखने को मिल सकता है।

