कमोडिटी बाजार में आज भारी बिकवाली देखने को मिली, जिसके चलते सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सुबह से ही दोनों कीमती धातुओं पर दबाव बना रहा। अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिले कमजोर संकेत, अमेरिका-ईरान के बीच हुए अंतरिम समझौते और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक स्तर पर बदलते आर्थिक और भू-राजनीतिक समीकरणों का सीधा असर घरेलू कमोडिटी बाजार पर दिखाई दे रहा है, जिसके कारण सोना और चांदी दोनों में तेज गिरावट दर्ज की गई।
सोने की कीमत में 1,575 रुपये की गिरावट
घरेलू वायदा बाजार में आज 10 ग्राम सोने की कीमत में 1,575 रुपये यानी 1.02 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इस गिरावट के बाद MCX पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना 1,52,304 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखाई दिया।
पिछले कारोबारी सत्र में सोने का बंद भाव 1,53,879 रुपये प्रति 10 ग्राम था। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, जब तक सोना 1,53,300 रुपये के स्तर के ऊपर मजबूती से नहीं टिकता, तब तक कीमतों पर दबाव बना रह सकता है।
चांदी में भी भारी टूट, 6,298 रुपये तक फिसला भाव
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली। MCX पर जुलाई डिलीवरी वाली चांदी 6,298 रुपये यानी करीब 2.5 प्रतिशत टूटकर 2,45,509 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।
पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 2,51,807 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बंद हुई थी। एक ही दिन में इतनी बड़ी गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
अमेरिका-ईरान समझौते का दिखा असर
विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए अंतरिम समझौते ने वैश्विक बाजारों की दिशा बदल दी है। इस समझौते के बाद कच्चे तेल की कीमतों में नरमी देखने को मिली, जिससे भविष्य में महंगाई कम होने की उम्मीद बढ़ी है।
महंगाई में कमी की संभावनाओं ने सुरक्षित निवेश विकल्प माने जाने वाले सोने और चांदी की मांग पर असर डाला है, जिसके चलते इन धातुओं में बिकवाली बढ़ी है।
फेडरल रिजर्व के रुख से बढ़ा दबाव
अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अपनी प्रमुख ब्याज दरों को 3.50 प्रतिशत से 3.75 प्रतिशत के दायरे में बरकरार रखा है। हालांकि फेड अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि वर्ष के अंत तक ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी की जा सकती है।
ब्याज दरों के ऊंचे स्तर और डॉलर की मजबूती आमतौर पर सोने-चांदी जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों के लिए नकारात्मक मानी जाती है। यही वजह है कि वैश्विक बाजारों में कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्या है स्थिति?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 1.4 प्रतिशत बढ़कर 4,316.42 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गया है। हालांकि घरेलू बाजार में रुपये, डॉलर इंडेक्स और वायदा कारोबार की स्थिति के कारण अलग रुख देखने को मिला।
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक आंकड़े, केंद्रीय बैंकों की नीतियां और भू-राजनीतिक घटनाक्रम सोने और चांदी की दिशा तय करेंगे।
निवेशकों के लिए क्या है सलाह?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, फिलहाल सोने और चांदी में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रह सकता है। निवेशकों को जल्दबाजी में नई पोजीशन लेने से बचना चाहिए और किसी भी निवेश निर्णय से पहले वित्तीय सलाहकार या बाजार विशेषज्ञ की राय अवश्य लेनी चाहिए।
इसके अलावा, वैश्विक आर्थिक घटनाओं, ब्याज दरों और अंतरराष्ट्रीय तनावों पर नजर बनाए रखना भी जरूरी होगा, क्योंकि यही कारक आने वाले समय में कीमती धातुओं की कीमतों को प्रभावित कर सकते हैं।

