सर्राफा बाजार में आई बड़ी गिरावट, रिटेल और MCX दोनों बाजारों में सस्ते हुए सोना-चांदी के भाव
गहने खरीदने या कीमती धातुओं में निवेश करने की योजना बना रहे लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। 19 जून को सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई है। लंबे समय से ऊंचे स्तर पर कारोबार कर रहे दोनों कीमती धातुओं के दाम अचानक नीचे आ गए हैं। घरेलू बाजार से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक बिकवाली का दबाव देखने को मिल रहा है, जिसका सीधा फायदा खरीदारों को मिल रहा है।
एमसीएक्स (MCX) और रिटेल मार्केट दोनों में सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी कमी आई है। खासकर चांदी में भारी गिरावट ने निवेशकों और ग्राहकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
रिटेल बाजार में सस्ता हुआ सोना-चांदी
खुदरा बाजार में सोने की कीमत में 2,510 रुपये की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इसके बाद 10 ग्राम सोने का भाव घटकर 1,47,150 रुपये पर पहुंच गया है। यह करीब 1.68 प्रतिशत की कमी को दर्शाता है।
वहीं चांदी की कीमतों में और भी बड़ी गिरावट देखने को मिली है। रिटेल मार्केट में चांदी 6,370 रुपये सस्ती होकर 2,32,330 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई है। यह लगभग 2.67 प्रतिशत की गिरावट है। कीमतों में आई इस नरमी से ज्वेलरी खरीदने वालों को राहत मिली है।
MCX पर भी भारी दबाव
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है। वायदा बाजार में निवेशकों की बिकवाली के चलते दोनों धातुओं के भाव दबाव में आ गए हैं।
5 अगस्त एक्सपायरी वाले सोने के कॉन्ट्रैक्ट की कीमत 2,492 रुपये या 1.67 प्रतिशत गिरकर 1,46,817 रुपये पर पहुंच गई। वहीं 3 जुलाई एक्सपायरी वाली चांदी 6,867 रुपये या 2.75 प्रतिशत टूटकर 2,31,050 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती दिखाई दी।
वैश्विक बाजार में बिकवाली का असर
घरेलू बाजार में आई गिरावट के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजारों की कमजोरी को प्रमुख कारण माना जा रहा है। ग्लोबल मार्केट में सोने और चांदी दोनों पर भारी दबाव बना हुआ है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में करीब 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं चांदी में 3 प्रतिशत से अधिक की कमजोरी देखने को मिली है। वैश्विक स्तर पर बढ़ी बिकवाली का असर सीधे भारतीय बाजार पर पड़ा है, जिसके चलते घरेलू कीमतों में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई।
निवेशकों और खरीददारों के लिए सुनहरा अवसर
विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों में आई यह गिरावट ज्वेलरी खरीदने और लंबी अवधि के निवेश की योजना बना रहे लोगों के लिए अच्छा अवसर साबित हो सकती है। हालांकि बाजार में आगे भी उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, इसलिए निवेशकों को सोच-समझकर निर्णय लेने की सलाह दी जा रही है।
फिलहाल सोना और चांदी दोनों अपने हालिया उच्च स्तर से नीचे आ चुके हैं, जिससे बाजार में खरीदारी की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

