प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना से पहली नौकरी पाने वाले युवाओं को मिला बड़ा लाभ, 15 लाख नई नौकरियों को बढ़ावा देने के लिए खातों में भेजी गई प्रोत्साहन राशि
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना’ (PM-VBRY) की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि इस योजना के तहत अब तक देशभर में 70 लाख से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर मिले हैं। सरकार ने 15 लाख नई नौकरियों को बढ़ावा देने के लिए 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि (इंसेंटिव) सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की है।
योजना की शुरुआत अगस्त 2025 में औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देने और पहली बार नौकरी पाने वाले युवाओं को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने के उद्देश्य से की गई थी।
DBT के जरिए खातों में भेजी गई राशि
एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को 2,400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि जारी की गई है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत लगभग 20 लाख युवाओं ने अपनी पहली नौकरी में छह महीने पूरे कर लिए हैं, जबकि करीब 10 लाख लाभार्थियों को इस उपलब्धि पर प्रोत्साहन राशि भी मिल चुकी है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह केवल आर्थिक सहायता नहीं है, बल्कि युवाओं की मेहनत और उनके उज्ज्वल भविष्य पर देश के विश्वास का प्रतीक है।
रोजगार सृजन को बताया राष्ट्रीय मिशन
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब सरकार, उद्योग जगत और युवा मिलकर काम करते हैं तो रोजगार सृजन की गति तेज होती है। उन्होंने कहा कि PM-VBRY केवल एक रोजगार योजना नहीं, बल्कि युवाओं की आकांक्षाओं को मजबूती देने और उद्योग तथा कार्यबल के बीच मजबूत संबंध स्थापित करने की पहल है।
उन्होंने कहा कि सरकार एक तरफ नौकरी शुरू करने वाले युवाओं का समर्थन कर रही है, वहीं दूसरी तरफ रोजगार के नए अवसर सृजित करने वाले संस्थानों और कंपनियों को भी प्रोत्साहित कर रही है।
मेक इन इंडिया और स्टार्टअप्स से बढ़े रोजगार के अवसर
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में सरकार ने रोजगार के हर क्षेत्र को मजबूत करने के लिए व्यापक प्रयास किए हैं। इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल इकोनॉमी, स्पेस टेक्नोलॉजी और स्टार्टअप्स जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने से रोजगार और स्वरोजगार दोनों के अवसरों में वृद्धि हुई है।
उन्होंने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’, ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘मिशन मैन्युफैक्चरिंग’ और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने जैसी पहलों ने युवाओं के लिए नए अवसर पैदा किए हैं।
EPFO और सामाजिक सुरक्षा पर फोकस
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार रोजगार को सामाजिक सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व से जोड़ने पर काम कर रही है। टेक्नोलॉजी के उपयोग से EPFO को आधुनिक बनाया जा रहा है, पेंशन प्रणाली को सरल किया जा रहा है और लाखों श्रमिकों तक स्वास्थ्य बीमा व सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाई जा रही है।
महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर
प्रधानमंत्री ने कार्यस्थलों पर महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को देश के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि नाइट शिफ्ट में काम की अनुमति, वर्क फ्रॉम होम के अवसर और कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने जैसे कदम महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोल रहे हैं।
श्रम मंत्री ने बताए रोजगार के आंकड़े
केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री Mansukh Mandaviya ने बताया कि वर्ष 2014 से 2024 के बीच देश में लगभग 17 करोड़ नौकरियां सृजित हुईं। उन्होंने कहा कि भारत की बेरोजगारी दर वर्तमान में करीब 3.1 प्रतिशत है, जो वैश्विक औसत 4.8 प्रतिशत से कम है।
PM-VBRY की प्रमुख विशेषताएं
PM-VBRY योजना 1 अगस्त 2025 से लागू की गई थी। योजना के तहत EPFO में पंजीकृत पहली बार नौकरी पाने वाले कर्मचारी, जिनकी मासिक आय 1 लाख रुपये तक है, उन्हें दो किश्तों में एक महीने के वेतन के बराबर अधिकतम 15,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।
वहीं अतिरिक्त रोजगार सृजित करने वाले नियोक्ताओं को प्रति कर्मचारी प्रति माह 3,000 रुपये तक का प्रोत्साहन दो वर्षों तक दिया जाता है। मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र के नियोक्ताओं को अतिरिक्त दो वर्षों तक लाभ मिलने का प्रावधान है।
99,446 करोड़ रुपये के बजट वाली इस योजना का लक्ष्य दो वर्षों में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार के अवसर पैदा करना है। इनमें लगभग 1.92 करोड़ युवाओं के पहली बार औपचारिक कार्यबल में शामिल होने की उम्मीद है। अगस्त 2025 से अब तक 70 लाख से अधिक युवाओं को इस योजना के तहत औपचारिक रोजगार से जोड़ा जा चुका है, जिनमें करीब 30 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं।

