वाराणसी: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (बीएचयू) को उसके प्रतिष्ठित पूर्व छात्र डॉ. राज यावतकर से 16 मिलियन डॉलर (लगभग 151 करोड़ रुपये) का ऐतिहासिक दान प्राप्त हुआ है। इस राशि से संस्थान परिसर में अत्याधुनिक यावतकर कन्वेंशन सेंटर (YCC) और महामना स्टूडेंट एक्टिविटी एंड कंप्यूटिंग सेंटर (MSACC) का निर्माण किया जाएगा। दोनों परियोजनाओं को वर्ष 2028 तक छात्रों के लिए खोलने की योजना है।
पूर्व छात्र का संस्थान को बड़ा योगदान
आईआईटी बीएचयू के इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग से वर्ष 1980 में बीटेक करने वाले डॉ. राज यावतकर वर्तमान में वैश्विक तकनीकी जगत के प्रतिष्ठित नामों में शामिल हैं। उन्होंने आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस में एमटेक तथा पर्ड्यू विश्वविद्यालय से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। डॉ. यावतकर जूनिपर नेटवर्क्स, कैलिफोर्निया के पूर्व चीफ टेक्निकल ऑफिसर रह चुके हैं और नेटवर्किंग तकनीक के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुके हैं।
50 से अधिक पेटेंट और कई शोध कार्य
आई ट्रिपल ई (IEEE) फेलो के रूप में सम्मानित डॉ. यावतकर के नाम 50 से अधिक पेटेंट दर्ज हैं। वे पांच इंटरनेट मानकों के सह-लेखक, 40 से अधिक शोध पत्रों तथा एक अंतरराष्ट्रीय पुस्तक के लेखक भी हैं। उनका यह योगदान तकनीकी शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में महत्वपूर्ण माना जाता है।
छात्रों के लिए विकसित होगा आधुनिक कन्वेंशन सेंटर
आईआईटी बीएचयू के निर्माण कार्यालय के आचार्य प्रभारी प्रो. पबित्र रंजन मैती के अनुसार प्रस्तावित यावतकर कन्वेंशन सेंटर को बहुउद्देशीय और छात्र-केंद्रित परिसर के रूप में विकसित किया जाएगा।
इस केंद्र में 204 सीटों वाला सीनेट हॉल, 138 सीटों वाला मल्टीपरपज हॉल, दो आधुनिक सेमिनार हॉल, कैफेटेरिया स्पेस, 562 सीटों वाला भव्य ऑडिटोरियम, छह गतिविधि क्षेत्र और एक ओपन थिएटर शामिल होंगे। यह सुविधा छात्रों की शैक्षणिक, सांस्कृतिक और नवाचार गतिविधियों को नया आयाम देगी।
राजपूताना मैदान के पास बनेगा नया छात्र केंद्र
यावतकर कन्वेंशन सेंटर का निर्माण राजपूताना मैदान के पीछे स्थित खाली भूमि पर प्रस्तावित महामना स्टूडेंट एक्टिविटी एंड कंप्यूटिंग सेंटर (MSACC) के साथ किया जाएगा। वर्तमान योजना के अनुसार MSACC अंग्रेजी अक्षर ‘L’ के आकार में विकसित होगा, जबकि उसके मध्य स्थित खाली स्थान में यावतकर कन्वेंशन सेंटर बनाया जाएगा।
यह पूरा क्षेत्र पहले से मौजूद रमेश श्रीनिवासन स्टूडेंट्स एक्टिविटी सेंटर के साथ मिलकर छात्रों के लिए शिक्षणेतर गतिविधियों, नवाचार और रचनात्मक विकास का प्रमुख केंद्र बनेगा।
निदेशक ने जताया आभार
आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने कहा कि संस्थान डॉ. राज यावतकर के उदार सहयोग और अपनी मातृ संस्था के प्रति उनकी निरंतर प्रतिबद्धता के लिए उनका हार्दिक आभार व्यक्त करता है। उन्होंने कहा कि यह योगदान आईआईटी बीएचयू और उसके पूर्व छात्र समुदाय के बीच मजबूत संबंधों का प्रतीक है तथा भविष्य में छात्रों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

