मुंबई बारिश: 24 घंटे में गिरे 523 पेड़, 1 की मौत, 8 घायल; कंक्रीट सड़कें और गलत छंटाई पर उठे सवाल

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मुंबई में लगातार बारिश और तेज हवाओं के बीच पेड़ गिरने की घटनाओं में भारी बढ़ोतरी, ठाणे में जलभराव और भूस्खलन से यातायात प्रभावित, पुणे-नाशिक में भी बारिश का कहर जारी

मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच पेड़ गिरने की बढ़ती घटनाओं ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पिछले 24 घंटों में शहर और उपनगरों में पेड़ गिरने की 523 घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि आठ लोग घायल हो गए। इन घटनाओं के बाद पेड़ों की गलत छंटाई, कंक्रीट से घिरी जड़ों और खराब शहरी योजना को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

रविवार सुबह 8 बजे से सोमवार सुबह 8 बजे के बीच दर्ज इन घटनाओं के बाद विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का कहना है कि कई पेड़ों की जड़ें चारों ओर से कंक्रीट में जकड़ी हुई हैं, जिससे उन्हें पर्याप्त पानी और हवा नहीं मिल पाती। इसके अलावा सड़कों की ओर फैली शाखाओं को असंतुलित तरीके से काट दिए जाने से पेड़ों का संतुलन बिगड़ जाता है और तेज हवाओं में उनके गिरने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।

एक सप्ताह में तीन लोगों की गई जान

मुंबई में पिछले एक सप्ताह के भीतर पेड़ गिरने की अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो चुकी है। लगातार सामने आ रहे हादसों के बाद नागरिक प्रशासन की तैयारियों और पेड़ों के रखरखाव पर सवाल उठा रहे हैं। हालांकि, पेड़ों के गिरने की घटनाएं हर मानसून में होती हैं, लेकिन इस बार इनकी संख्या सामान्य से कहीं अधिक दर्ज की गई है।

बीएमसी ने तेज हवाओं को बताया वजह

नगर प्रशासन का कहना है कि रविवार को 72 से 79 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं के कारण बड़ी संख्या में पेड़ गिरे। हालांकि, पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि केवल तेज हवाएं ही जिम्मेदार नहीं हैं, बल्कि पेड़ों की वैज्ञानिक तरीके से देखभाल और संतुलित छंटाई भी उतनी ही जरूरी है।

ठाणे में जलभराव और भूस्खलन से यातायात प्रभावित

लगातार एक सप्ताह से हो रही बारिश का असर ठाणे जिले में भी देखने को मिल रहा है। कई सड़कों पर जलभराव और बड़े-बड़े गड्ढों के कारण वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई है। वहीं कसारा घाट और मालशेज घाट में भूस्खलन की घटनाओं ने सड़क परिवहन को प्रभावित किया। ठाणे के व्यस्त घोड़बंदर रोड पर भी जलभराव के कारण लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिला।

नाशिक में बादल फटने जैसी स्थिति का खतरा टला

मौसम विभाग ने नाशिक और त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र में अत्यधिक बारिश की संभावना जताते हुए हाई अलर्ट जारी किया था। हालांकि मंगलवार सुबह शहर में बारिश की तीव्रता कुछ कम हुई, जिससे बादल फटने जैसी स्थिति का तत्काल खतरा टल गया। इसके बावजूद त्र्यंबकेश्वर, कसारा और इगतपुरी क्षेत्रों में लगातार भारी बारिश जारी है।

पुणे और घाट क्षेत्रों में 500 मिमी से अधिक बारिश

पुणे और आसपास के घाट क्षेत्रों में पिछले दो-तीन दिनों से लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है। कई स्थानों पर 500 मिमी से अधिक वर्षा दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से बने कम दबाव के क्षेत्र सहित तीन मौसम प्रणालियां एक साथ सक्रिय होने के कारण दक्षिण-पश्चिम मानसून और मजबूत हुआ है, जिससे महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

प्रमुख बातें

  • 24 घंटे में मुंबई में 523 पेड़ गिरने की घटनाएं दर्ज।
  • हादसों में 1 व्यक्ति की मौत और 8 लोग घायल।
  • कंक्रीट से घिरी जड़ें और गलत छंटाई को भी बड़ी वजह माना जा रहा है।
  • ठाणे में जलभराव, गड्ढों और भूस्खलन से यातायात प्रभावित।
  • पुणे के घाट क्षेत्रों में 500 मिमी से अधिक बारिश दर्ज।
  • नाशिक में बादल फटने जैसी आशंका टली, लेकिन कई इलाकों में भारी बारिश जारी।
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