20 साल पुराना नर्मदा जल विवाद सुलझा, महाराष्ट्र को मिलेगा 10 TMC पानी, उकाई बांध से जल उठाने पर गुजरात की सहमति

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नई दिल्ली में अमित शाह की अध्यक्षता में चार राज्यों की बैठक में ऐतिहासिक फैसला, उत्तर महाराष्ट्र के जल संकट को दूर करने की दिशा में बड़ा कदम

महाराष्ट्र के लिए जल संकट और अंतरराज्यीय जल बंटवारे के मोर्चे पर एक बड़ी सफलता मिली है। करीब 20 वर्षों से लंबित नर्मदा परियोजना से जुड़े विवाद का स्थायी समाधान निकाल लिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में मंगलवार (7 जुलाई 2026) को नई दिल्ली में आयोजित चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों की समन्वय बैठक में महाराष्ट्र के हिस्से का 10 टीएमसी (हजार मिलियन क्यूबिक फीट) पानी राज्य को उपलब्ध कराने पर सहमति बन गई।

बैठक के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि गुजरात सरकार ने उकाई बांध से महाराष्ट्र को उसके हिस्से का पानी उठाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही वर्षों से लंबित जल विवाद के समाधान का रास्ता साफ हो गया है।

बैठक में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल भी मौजूद रहे। सभी राज्यों के बीच सहमति बनने के बाद इस फैसले को अंतरराज्यीय जल सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि नर्मदा परियोजना के पूरा होने के बाद अब तक महाराष्ट्र को केवल बिजली का हिस्सा मिल रहा था, जबकि पानी के अधिकार से राज्य वंचित था। अब इस बैठक में पानी के आवंटन पर सहमति बनने के साथ-साथ महाराष्ट्र पर लंबित अधिकांश वित्तीय देनदारियां भी माफ कर दी गई हैं। अब राज्य को केवल लगभग 27 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा।

उत्तर महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त इलाकों को मिलेगा लाभ

राज्य सरकार ने अपने हिस्से के 10 टीएमसी पानी में से 5 टीएमसी नर्मदा-तापी डायवर्जन योजना के माध्यम से तथा शेष 5 टीएमसी उकाई जल विद्युत परियोजना से लिफ्ट करने का प्रस्ताव रखा था। गुजरात सरकार ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है।

समझौते के अनुसार, मानसून के दौरान जब उकाई बांध अपनी पूर्ण क्षमता पर होगा, तब महाराष्ट्र वहां से अपने हिस्से का 5 टीएमसी पानी उठा सकेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस पानी को उत्तर महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त जिलों तक पहुंचाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इससे किसानों और आम नागरिकों को लंबे समय से चले आ रहे जल संकट से राहत मिलने की उम्मीद है।

कुसुम योजना में महाराष्ट्र को मिला सबसे बड़ा आवंटन

नई दिल्ली में हुई एक अन्य समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री कुसुम योजना के तहत देश के कुल बजट का 51 प्रतिशत हिस्सा महाराष्ट्र को आवंटित किया है, जो सभी राज्यों में सबसे अधिक है।

मुख्यमंत्री ने इसके लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया। वहीं केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने महाराष्ट्र सरकार से प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत अधिक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित करने का आग्रह किया। राज्य सरकार ने इस दिशा में आवश्यक प्रशासनिक सुधार करने का भरोसा भी दिया।

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