शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, लाल निशान में खुले सेंसेक्स-निफ्टी; रियल्टी और ऑटो शेयरों में बिकवाली

Thecity news
3 Min Read

मध्य पूर्व तनाव, अमेरिकी टैरिफ और वैश्विक कमजोरी का असर भारतीय बाजार पर दिखा, शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 672 अंक और निफ्टी करीब 197 अंक लुढ़का।

हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 672.91 अंक यानी 0.88 प्रतिशत टूटकर 75,718.48 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वहीं, एनएसई निफ्टी 196.70 अंक यानी 0.82 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,672.90 पर पहुंच गया। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर घरेलू बाजार पर साफ दिखाई दिया।

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो सबसे ज्यादा दबाव रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स शेयरों पर रहा। निफ्टी रियल्टी और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स एक प्रतिशत से अधिक टूटे। इसके अलावा ऑटो, इंफ्रा, मेटल, कंजम्पशन, ऑयल एंड गैस, इंडिया डिफेंस, सर्विसेज, फाइनेंशियल सर्विसेज और मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स भी लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। हालांकि, आईटी सेक्टर में खरीदारी देखने को मिली और निफ्टी आईटी हरे निशान में रहा।

सेंसेक्स के टॉप गेनर्स में एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, टीसीएस, सनफार्मा और अडानी पोर्ट्स शामिल रहे। वहीं, एलएंडटी, बजाज फाइनेंस, इटर्नल, इंडिगो और भारती एयरटेल सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों में शामिल रहे।

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 451 अंक यानी 0.73 प्रतिशत गिरकर 61,233 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 164 अंक यानी 0.87 प्रतिशत टूटकर 18,771 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। व्यापक बाजार में बिकवाली का दबाव साफ नजर आया।

विश्लेषकों के अनुसार बाजार में गिरावट की प्रमुख वजह मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव और अमेरिका की ओर से 60 व्यापारिक साझेदार देशों से आयातित सामान पर 10 प्रतिशत और 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह फैसला जबरन मजदूरी से जुड़े नियमों के प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। इन घटनाओं से वैश्विक निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता प्रभावित हुई है।

वैश्विक बाजारों का रुख भी कमजोर रहा। एशियाई बाजारों में टोक्यो, हांगकांग, शंघाई, बैंकॉक, सोल और जकार्ता के प्रमुख सूचकांक लाल निशान में कारोबार करते दिखे। वहीं, अमेरिकी शेयर बाजार भी गुरुवार को भारी गिरावट के साथ बंद हुए थे। डाओ जोंस इंडेक्स 0.97 प्रतिशत और टेक्नोलॉजी आधारित नैस्डैक इंडेक्स 2.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला।

Share This Article