36 घंटे में ₹3,497 टूटा सोना, चांदी ₹8,641 फिसली; कच्चे तेल की तेजी से बढ़ी निवेशकों की चिंता

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कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक अनिश्चितता के बीच सोना-चांदी में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। एमसीएक्स पर सोना 36 घंटे में ₹3,497 और चांदी ₹8,641 तक टूट गई, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।

कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक बाजारों में अस्थिरता का असर अब भारतीय कमोडिटी बाजार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है। पिछले 36 घंटों के दौरान सोने की कीमत में ₹3,497 प्रति 10 ग्राम और चांदी में ₹8,641 प्रति किलोग्राम की गिरावट आई है।

बुधवार रात सोने का वायदा भाव ₹1,45,693 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, जबकि शुक्रवार सुबह करीब 9:30 बजे यह घटकर ₹1,42,196 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखाई दिया। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण निवेशकों की रणनीति में बदलाव देखने को मिल रहा है।

रिकॉर्ड हाई से ₹50,900 नीचे आया सोना

एमसीएक्स के आंकड़ों के अनुसार, 29 जनवरी को सोने ने ₹1,93,096 प्रति 10 ग्राम का रिकॉर्ड उच्च स्तर बनाया था। इसके मुकाबले अब तक इसकी कीमत में करीब ₹50,900 की गिरावट दर्ज की जा चुकी है। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कमजोरी बनी हुई है। सिंगापुर में स्पॉट गोल्ड 0.4 प्रतिशत गिरकर 4,030.09 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।

चांदी में भी भारी गिरावट

चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली। शुक्रवार सुबह एमसीएक्स पर चांदी ₹2,18,539 प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। बुधवार को इसका भाव ₹2,27,180 प्रति किलोग्राम था। यानी करीब 35 घंटे में चांदी ₹8,641 सस्ती हो गई।

एमसीएक्स पर चांदी का ऑल टाइम हाई ₹4,20,048 प्रति किलोग्राम रहा है। मौजूदा कीमत इसके रिकॉर्ड स्तर से ₹2,01,509 कम है।

आने वाले दिनों में जारी रह सकता है उतार-चढ़ाव

गोल्ड-सिल्वर सेंट्रल के मैनेजिंग डायरेक्टर ब्रायन लैन के अनुसार, आने वाले समय में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। उनके मुताबिक, पिछले कई सप्ताह से सोना 3,980 डॉलर से 4,170 डॉलर प्रति औंस के दायरे में कारोबार कर रहा है। जैसे ही कीमत 4,000 डॉलर के आसपास पहुंचती है, बड़े निवेशक खरीदारी शुरू कर देते हैं, जिससे बाजार में तेजी लौट आती है।

कच्चे तेल की तेजी बनी बड़ी वजह

विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से ईरान और हूती विद्रोहियों को लेकर दिए गए कड़े बयान के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ा है। लाल सागर में सऊदी तेल टैंकरों पर हमलों के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है। कच्चे तेल की इस तेजी से महंगाई बढ़ने और ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहने की आशंका मजबूत हुई है, जिसका असर सोना-चांदी समेत वैश्विक वित्तीय बाजारों पर भी देखने को मिल रहा है।

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