भाजपा ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर कांवड़ यात्रा और शिवभक्ति को लेकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। पार्टी ने योगी सरकार की कांवड़ यात्रा व्यवस्थाओं और धार्मिक परियोजनाओं को भी प्रमुखता से गिनाया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव पर कांवड़ यात्रा और शिवभक्ति को लेकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। भाजपा का कहना है कि हाल के दिनों में अखिलेश यादव खुद को शिवभक्त के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं, जबकि अतीत में उनकी पार्टी के नेताओं ने कांवड़ यात्रा और शिवभक्तों को लेकर विवादित बयान दिए थे।
भाजपा ने ‘सॉफ्ट हिंदुत्व’ पर उठाए सवाल
भाजपा का आरोप है कि इटावा में केदारेश्वर महादेव मंदिर निर्माण और कांवड़ियों के लिए विशेष कॉरिडोर की मांग जैसे कदम समाजवादी पार्टी की बदली हुई राजनीतिक रणनीति का हिस्सा हैं। पार्टी ने इसे चुनावी मजबूरी से प्रेरित ‘सॉफ्ट हिंदुत्व’ की राजनीति बताया।
कांवड़ यात्रा पर पुराने बयानों का किया जिक्र
भाजपा ने दावा किया कि जुलाई 2025 के दौरान कांवड़ यात्रा को लेकर समाजवादी पार्टी के कई नेताओं ने आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। पार्टी के अनुसार, अखिलेश यादव ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर तंज कसते हुए कांवड़ियों को लेकर टिप्पणी की थी। वहीं, सपा के अन्य नेताओं के बयानों का हवाला देते हुए भाजपा ने आरोप लगाया कि पार्टी ने कांवड़ यात्रा की परंपरा और शिवभक्तों का सम्मान नहीं किया।
योगी सरकार की व्यवस्थाओं को बताया मॉडल
भाजपा ने उत्तर प्रदेश सरकार की कांवड़ यात्रा व्यवस्थाओं को ‘मेरठ मॉडल’ बताते हुए कहा कि प्रदेश में 969 किलोमीटर लंबे कांवड़ मार्ग पर सुरक्षा और सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सरकार के अनुसार, नदी और नहरों पर नावों और गोताखोरों की तैनाती, बैरियर, अस्थायी पुलिस थाने, एम्बुलेंस, चिकित्सा सुविधाएं और डिजिटल निगरानी जैसी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं।
कांवड़ मार्ग पर सुरक्षा और सुविधाएं
भाजपा के अनुसार, गाजियाबाद सहित कई जिलों में बिजली के खंभों को सुरक्षित बनाया गया है, ट्रांसफार्मरों को कवर किया गया है और कांवड़ियों के लिए सैकड़ों शिविर स्थापित किए गए हैं। साथ ही राज्य स्तर पर 14 सूत्रीय एक्शन प्लान लागू किया गया है, जिसमें डीजे की ऊंचाई और चौड़ाई के मानक, मांस और मदिरा बिक्री पर प्रतिबंध, डिजिटल मैपिंग तथा ड्रोन के जरिए निगरानी जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।
नाथ कॉरिडोर और काशी विश्वनाथ धाम का जिक्र
भाजपा ने बरेली में विकसित किए जा रहे नाथ कॉरिडोर और काशी विश्वनाथ धाम परियोजना का भी उल्लेख किया। पार्टी का कहना है कि इन परियोजनाओं के माध्यम से धार्मिक विरासत के संरक्षण और तीर्थ पर्यटन को बढ़ावा दिया जा रहा है। साथ ही प्रशासन द्वारा कांवड़ यात्रा और अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के प्रयासों को भी रेखांकित किया गया।

