मंगलवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में खुले, हालांकि शुरुआती कारोबार में आईटी शेयरों ने बाजार को कुछ सहारा दिया।
भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को कारोबार की शुरुआत हल्की कमजोरी के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 4 अंक की गिरावट के साथ 76,831 पर खुला, जबकि निफ्टी 24 अंक टूटकर 23,971 पर कारोबार शुरू करता दिखा। सोमवार की तेज बढ़त के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली का रुख अपनाया, जिससे बाजार पर दबाव देखने को मिला।
आईटी शेयरों में रही सबसे ज्यादा तेजी
शुरुआती कारोबार में आईटी सेक्टर सबसे मजबूत रहा। निफ्टी आईटी इंडेक्स 2 प्रतिशत से अधिक की बढ़त के साथ टॉप गेनर बना। इसके अलावा निफ्टी रियल्टी, एफएमसीजी, मीडिया, सर्विसेज, हेल्थकेयर और फार्मा सेक्टरों में भी खरीदारी देखने को मिली।
वहीं दूसरी ओर निफ्टी इंडिया डिफेंस, एनर्जी, पीएसई, पीएसयू बैंक, मैन्युफैक्चरिंग, कमोडिटीज, इंफ्रा, मेटल और ऑटो सेक्टर दबाव में कारोबार करते नजर आए।
सेंसेक्स और निफ्टी के शेयरों का हाल
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 16 शेयर गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे, जबकि 14 शेयर बढ़त में रहे। वहीं, निफ्टी के 50 शेयरों में 29 शेयर हरे निशान में और 21 शेयर लाल निशान में कारोबार करते दिखे।
सेंसेक्स में टीसीएस, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, एचसीएल टेक, एचयूएल, एशियन पेंट्स, सन फार्मा, इंडिगो, आईटीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट, एलएंडटी और बजाज फिनसर्व बढ़त वाले प्रमुख शेयर रहे। दूसरी ओर बीईएल, एनटीपीसी, पावर ग्रिड, एसबीआई, टाटा स्टील, टाइटन, भारती एयरटेल, ट्रेंट, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक और एमएंडएम में कमजोरी दर्ज की गई।
मिडकैप और स्मॉलकैप में सीमित उतार-चढ़ाव
निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स मामूली बढ़त के साथ 62,307 पर कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 60 अंकों की गिरावट के साथ 19,062 पर रहा। इससे संकेत मिला कि व्यापक बाजार में कारोबार सीमित दायरे में बना हुआ है।
वैश्विक बाजारों का मिला-जुला असर
एशियाई बाजारों में मिश्रित रुख देखने को मिला। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग और सोल के बाजार लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। वहीं अमेरिकी बाजार पिछले कारोबारी सत्र में मजबूती के साथ बंद हुए थे, जहां डाओ जोन्स में 0.51 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
कच्चे तेल की कीमतों में राहत
वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी बनी हुई है। ब्रेंट क्रूड 85 डॉलर प्रति बैरल से नीचे कारोबार कर रहा है, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड 82 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी को भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

