राम मंदिर चोरी मामले में पप्पू यादव की बढ़ी मुश्किलें, प्रयागराज कोर्ट ने आज किया तलब

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बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव पिछले कुछ समय से लगातार सुर्खियों में हैं। राम मंदिर में हुई चोरी के मुद्दे को लेकर कुछ दिन पहले उन्होंने संसद परिसर के बाहर एक नुक्कड़ नाटक किया था। इस दौरान वह भगवा कपड़े पहने साधु की वेशभूषा में नजर आए थे। इसको लेकर हिंदू संगठनों और साधु-संतों ने कड़ी आपत्ति जताई थी। वहीं, बीजेपी नेता सुशील कुमार मिश्रा ने सांसद के खिलाफ प्रयागराज में मुकदमा दर्ज कराया था। अब अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय (एसीजेएम कोर्ट) ने सांसद को आज यानी मंगलवार, 11 अगस्त को तलब किया है।

जानकारी के मुताबिक, सांसद पप्पू यादव के खिलाफ बीएनएस की गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कक्ष संख्या-10 योगेश जैन ने आपराधिक मुकदमा पंजीकृत करने का आदेश दिया था। उनके खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 338, 196, 298, 299 और 356 के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज हुआ है। एसीजेएम कोर्ट ने उन्हें आज अदालत में पेश होने का आदेश दिया है।

बीजेपी नेता ने क्या आरोप लगाया

शिकायतकर्ता बीजेपी नेता और अधिवक्ता सुशील कुमार मिश्रा ने आरोप लगाया है कि अयोध्या स्थित भगवान श्रीराम के मंदिर में कुछ लोगों ने भगवान को चढ़ाए गए दान की धनराशि चोरी की। उनके मुताबिक, इस मामले में मुकदमा दर्ज हुआ और आरोपी जेल भेजे गए। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इस घटना को कूटरचित और जालसाजी के तरीके से परिवर्तित करते हुए प्रस्तुत किया गया।

‘हिंदू धर्म को नीचा दिखाया’

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि पप्पू यादव के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, जबरन वसूली और धोखाधड़ी समेत गंभीर अपराधों से जुड़े 41 मुकदमे दर्ज हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्णिया के सांसद ने लोकतंत्र के मंदिर संसद भवन के सामने हिंदू और हिंदू धर्म को नीचा दिखाने तथा अपमानित करने के उद्देश्य से यह प्रदर्शन किया।

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि मंदिर के दान पात्रों में नकली दान पात्र रखकर चंदा चोरी करने और संत-महात्माओं तथा पुजारियों को चोर एवं डाकू के रूप में दिखाने वाला कूटरचित अभिनय किया गया। शिकायतकर्ता के मुताबिक, यह गंभीर और दंडनीय अपराध है। ऐसे में सांसद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर उन्हें तलब कर दंडित किया जाना जरूरी है।

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