महाराष्ट्र एफडीए की छापेमारी में 34 आरोपियों पर कार्यवाही, नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के लाइसेंस भी निलंबित।
महाराष्ट्र के अन्न व औषधि प्रशासन (एफडीए) ने एक्सपायरी खाद्य सामान की दोबारा बिक्री और खाद्य तेल में मिलावट के खिलाफ बड़ी कार्यवाही की है। जून से अक्टूबर 2026 के बीच की गई छापेमारी में 5.01 करोड़ रुपये का एक्सपायरी सामान जब्त किया गया। वहीं, तेल में मिलावट के मामलों में अलग से 18.95 करोड़ रुपये का माल पकड़ा गया।
तुर्भे में सबसे बड़ी छापेमारी
एफडीए की सबसे बड़ी कार्यवाही नवी मुंबई के तुर्भे इलाके में हुई। यहां 4.12 करोड़ रुपये का एक्सपायरी सामान बरामद किया गया, जो कुल जब्ती का करीब 82 प्रतिशत है।
इसके अलावा, भिवंडी की सात जगहों से 73.31 लाख रुपये का सामान पकड़ा गया। इस मामले में अब तक 34 आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही की गई है, जबकि सात प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
एक्सपायरी सामान रखने के लिए सख्त नियम
एफडीए ने गोदामों में एक्सपायरी सामान रखने और उसे नष्ट करने को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। अब ऐसे सामान के लिए अलग बंद कमरा और सीसीटीवी निगरानी अनिवार्य होगी। सामान नष्ट करने की प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी करनी होगी।
इसके अलावा, सामान हटाने से सात दिन पहले प्रशासन को सूचना देनी होगी। गलत जानकारी देने पर 10 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
खाद्य तेल में मिलावट के खिलाफ भी बड़ी कार्यवाही
एफडीए की एक अलग मुहिम के तहत 1 अप्रैल से 29 अक्टूबर 2026 के बीच राज्यभर में खाद्य तेल के 1,660 नमूने लिए गए। इस दौरान 28,753 क्विंटल तेल जब्त किया गया, जिसकी कुल कीमत 18.95 करोड़ रुपये बताई गई है।
सबसे अधिक मात्रा में तेल पुणे विभाग में पकड़ा गया। यहां 19,551 क्विंटल मिलावटी तेल जब्त किया गया। वहीं, जब्त तेल की कीमत के मामले में छत्रपति संभाजीनगर सबसे आगे रहा, जहां 8.34 करोड़ रुपये का तेल पकड़ा गया।
एफडीए के मुताबिक, मिलावट, गंदगी और बिना लेबल के तेल बेचने के आरोप में कुल 80 लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। इनमें अकेले छत्रपति संभाजीनगर के 27 लाइसेंस शामिल हैं।

