मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने ‘वेत्री लैपटॉप योजना’ लागू करने का आदेश दिया, सरकारी और सहायता प्राप्त कॉलेजों के यूजी व डिप्लोमा छात्र होंगे पात्र।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने कॉलेज छात्रों के लिए मुफ्त लैपटॉप योजना लागू करने का आदेश दिया है। ‘वेत्री लैपटॉप योजना’ के तहत राज्य सरकार ने 2,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। योजना की प्रभावी निगरानी और क्रियान्वयन के लिए मुख्यमंत्री के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जाएगा।
यह योजना 2026-27 के बजट में घोषित की गई थी। इसके तहत सरकारी और राज्य सहायता प्राप्त संस्थानों में पढ़ने वाले पात्र छात्रों को मुफ्त लैपटॉप दिए जाएंगे।
किन छात्रों को मिलेगा योजना का लाभ?
इस योजना का लाभ 2026-27 शैक्षणिक सत्र में सरकारी और राज्य सहायता प्राप्त कॉलेजों में पढ़ रहे अंडरग्रेजुएट (यूजी) और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्र उठा सकेंगे।
इसमें कला, विज्ञान, इंजीनियरिंग, चिकित्सा, पशु चिकित्सा, कृषि, मत्स्य पालन और कानून जैसे विषयों के छात्र शामिल होंगे। इसके अलावा, 2025-26 शैक्षणिक वर्ष में योजना का लाभ नहीं उठा पाने वाले ऐसे छात्र भी पात्र होंगे, जो अब सरकारी या राज्य सहायता प्राप्त संस्थानों में अपने प्रोफेशनल कोर्स के तीसरे या चौथे वर्ष में पढ़ रहे हैं।
डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में पॉलिटेक्निक और आईटीआई के छात्र भी इस योजना के दायरे में आएंगे।
इंजीनियरिंग छात्रों को मिलेंगे इंटेल कोर आई5 लैपटॉप
इंजीनियरिंग के छात्रों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उन्हें इंटेल कोर आई5 प्रोसेसर या उसके समकक्ष प्रोसेसर वाले लैपटॉप दिए जाएंगे।
लैपटॉप की खरीद और गुणवत्ता मानकों को सुनिश्चित करने के लिए सरकारी संस्था ईएलसीओटी को प्रशासनिक मंजूरी दी गई है।
सरकार के मुताबिक, डिजिटल शिक्षा के दौर में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों के लिए लैपटॉप जरूरी शैक्षिक उपकरण बन गया है। इससे उन्हें तकनीकी ज्ञान बढ़ाने, कौशल विकास प्रशिक्षण लेने और ऑनलाइन पढ़ाई करने में मदद मिलेगी। साथ ही, वे भविष्य में रोजगार के अवसरों के लिए भी बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे।
2026-27 के बजट में हुई थी घोषणा
मुख्यमंत्री ने 2026-27 के बजट में घोषित इस योजना को लागू करने का आदेश दिया है। इसके लिए 2,000 करोड़ रुपये के वित्तीय आवंटन को प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है। योजना के क्रियान्वयन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं।
राज्य सरकार का मानना है कि यह योजना वंचित और मध्यम वर्गीय परिवारों के छात्रों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। इससे उन्हें डिजिटल शिक्षा और तकनीकी कौशल हासिल करने में मदद मिलेगी। साथ ही, वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार होने और रोजगार के अवसर बढ़ाने में भी सहायता मिलेगी।

