अग्निवीर भर्ती को लेकर वायरल नोटिस निकला फर्जी, 75-80% जवानों को परमानेंट करने और ₹25 लाख सेवा निधि के दावे झूठे

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सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे अग्निवीर भर्ती से जुड़े एक कथित नोटिस को केंद्र सरकार ने पूरी तरह फर्जी करार दिया है। इस नोटिस में दावा किया गया था कि भारतीय सेना ने अग्निपथ योजना के तहत 75 से 80 प्रतिशत अग्निवीरों को स्थायी नियुक्ति देने और सेवा निधि पैकेज को बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने का फैसला लिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारतीय सेना की ओर से ऐसा कोई आदेश या अधिसूचना जारी नहीं की गई है।

पीआईबी फैक्ट चेक ने किया वायरल दावों का खंडन

पीआईबी फैक्ट चेक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो रहे नोटिस की जांच के बाद इसे फर्जी बताया। पीआईबी ने कहा कि वायरल दस्तावेज में दावा किया गया है कि यह भारतीय सेना द्वारा जारी किया गया है और इसमें अग्निपथ योजना के नियमों में बदलाव की जानकारी दी गई है, जबकि सेना ने ऐसा कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है।

75-80% अग्निवीरों को स्थायी करने का दावा गलत

वायरल नोटिस में कहा गया था कि अब 75 से 80 प्रतिशत अग्निवीरों को स्थायी सैनिक के रूप में नियुक्त किया जाएगा। हालांकि वर्तमान नियमों के अनुसार चार वर्ष की सेवा पूरी करने के बाद केवल 25 प्रतिशत अग्निवीरों को ही नियमित कैडर में शामिल किए जाने का प्रावधान है। सरकार या सेना की ओर से इस व्यवस्था में किसी बदलाव की घोषणा नहीं की गई है।

₹25 लाख सेवा निधि पैकेज की खबर भी झूठी

फर्जी नोटिस में यह भी दावा किया गया कि सेवा निधि पैकेज को 12 लाख रुपये से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दिया गया है। जबकि वास्तविकता यह है कि चार वर्ष की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को लगभग 11.71 लाख रुपये का सेवा निधि पैकेज मिलता है। इस राशि को बढ़ाकर 25 लाख रुपये किए जाने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

1 जून 2026 से नए नियम लागू होने का दावा भी फर्जी

वायरल दस्तावेज में यह भी लिखा गया था कि नए नियम 1 जून 2026 से लागू हो चुके हैं। पीआईबी और सेना ने स्पष्ट किया है कि ऐसा कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। नोटिस में इस्तेमाल किए गए संदर्भ नंबर, हस्ताक्षर और अन्य विवरण भी फर्जी पाए गए हैं।

अग्निवीर भर्ती 2026 की प्रक्रिया जारी

भारतीय सेना वर्तमान में अग्निवीर भर्ती 2026 के लिए सामान्य प्रवेश परीक्षा (CEE) का आयोजन 1 जून से 15 जून 2026 के बीच कर रही है। भर्ती प्रक्रिया पहले से निर्धारित नियमों और दिशानिर्देशों के अनुसार ही संचालित की जा रही है। युवाओं से अपील की गई है कि वे किसी भी सूचना की पुष्टि केवल भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट से ही करें और सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें।

अग्निपथ योजना के मौजूदा नियम क्या हैं?

अग्निपथ योजना के तहत भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में युवाओं की भर्ती चार वर्षों के लिए की जाती है। सेवा अवधि पूरी होने के बाद लगभग 75 प्रतिशत अग्निवीरों को सेवा से मुक्त कर दिया जाता है, जबकि शेष 25 प्रतिशत को प्रदर्शन और चयन प्रक्रिया के आधार पर नियमित सैनिक के रूप में नियुक्त किया जाता है।

अग्निवीरों को सेवा के दौरान 48 लाख रुपये का जीवन बीमा कवर मिलता है। इसके अलावा उन्हें सैन्य अस्पतालों और कैंटीन सुविधाओं का लाभ भी प्रदान किया जाता है। अग्निवीरों को प्रतिवर्ष 30 दिन की छुट्टी तथा चिकित्सकीय सलाह के अनुसार सिक लीव भी दी जाती है।

चार साल में कितनी मिलती है सैलरी और सेवा निधि?

अग्निवीरों को पहले वर्ष 30,000 रुपये मासिक वेतन मिलता है, जो चौथे वर्ष तक बढ़कर 40,000 रुपये प्रति माह हो जाता है। वेतन का 30 प्रतिशत हिस्सा सेवा निधि फंड में जमा किया जाता है, जिसमें सरकार भी समान राशि का योगदान देती है। चार वर्ष पूरे होने पर कुल जमा राशि और ब्याज सहित लगभग 11.71 लाख रुपये सेवा निधि पैकेज के रूप में प्रदान किए जाते हैं।

किन पदों पर होती है अग्निवीर भर्ती?

अग्निवीर भर्ती के तहत अग्निवीर जनरल ड्यूटी, अग्निवीर तकनीकी, अग्निवीर क्लर्क/स्टोर कीपर तकनीकी, अग्निवीर ट्रेड्समैन (10वीं पास) और अग्निवीर ट्रेड्समैन (8वीं पास) जैसे विभिन्न पदों पर भर्ती की जाती है।

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