देशभर के सर्राफा बाजारों में शनिवार को सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। पिछले कई दिनों से कीमती धातुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है, लेकिन इस बार गिरावट का प्रमुख कारण अमेरिका से आए मजबूत रोजगार आंकड़े और डॉलर की मजबूती को माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक आर्थिक संकेतकों के चलते निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी है, जिससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने-चांदी के भाव दबाव में आ गए हैं।
MCX और IBJA पर सोना-चांदी कमजोर
शुक्रवार को इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) और मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमतों में लगभग 1,600 से 1,850 रुपये प्रति 10 ग्राम तक की गिरावट दर्ज की गई थी। वहीं चांदी की कीमतों में 4,000 से 5,800 रुपये प्रति किलोग्राम तक की कमी देखने को मिली।
चूंकि शनिवार और रविवार को कमोडिटी बाजार बंद रहते हैं, इसलिए कीमतें फिलहाल शुक्रवार के बंद स्तरों पर बनी हुई हैं।
रिटेल बाजार में चांदी की कीमतें
देश के खुदरा बाजार में चांदी की कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं। भारत में चांदी का औसत रिटेल भाव 2,74,900 रुपये से 2,79,900 रुपये प्रति किलोग्राम के बीच कारोबार कर रहा है।
दिल्ली में चांदी का भाव 2,749 रुपये प्रति 10 ग्राम और 2,79,900 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया है। मुंबई और कोलकाता में 10 ग्राम चांदी की कीमत लगभग 2,750 रुपये तथा एक किलोग्राम की कीमत 2,75,000 रुपये है। वहीं चेन्नई में चांदी सबसे महंगी बनी हुई है, जहां 10 ग्राम चांदी का भाव 2,800 रुपये और एक किलोग्राम की कीमत 2,80,000 रुपये तक पहुंच गई है।
प्रमुख शहरों में सोने के ताजा भाव
दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,55,870 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने की कीमत 1,42,890 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है।
मुंबई में 24 कैरेट सोना 1,55,720 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,42,740 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है।
कोलकाता में भी सोने की कीमतें मुंबई के समान स्तर पर बनी हुई हैं, जहां 24 कैरेट सोना 1,55,720 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,42,740 रुपये प्रति 10 ग्राम है।
चेन्नई में सोने की कीमतें अन्य महानगरों की तुलना में अधिक हैं। यहां 24 कैरेट सोना 1,57,950 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,44,290 रुपये प्रति 10 ग्राम पर उपलब्ध है।
क्यों आई सोने-चांदी में गिरावट?
विशेषज्ञों के अनुसार, सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिका से आए मजबूत रोजगार आंकड़े हैं। मई महीने में अमेरिकी अर्थव्यवस्था में अनुमान से अधिक नई नौकरियां जुड़ी हैं। जहां बाजार को लगभग 1.72 लाख नई नौकरियों की उम्मीद थी, वहीं वास्तविक आंकड़े इससे बेहतर रहे।
मजबूत रोजगार आंकड़ों से यह संकेत मिला है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था फिलहाल मजबूत स्थिति में है। इसके चलते अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा निकट भविष्य में ब्याज दरों में कटौती की संभावना कमजोर हुई है। जब ब्याज दरें ऊंची रहने की उम्मीद बढ़ती है, तब निवेशक सोने जैसे सुरक्षित निवेश विकल्पों से पैसा निकालकर अन्य परिसंपत्तियों की ओर रुख करते हैं, जिससे सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव बढ़ जाता है।
आगे क्या रह सकता है रुख?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि डॉलर मजबूत बना रहता है और अमेरिकी आर्थिक आंकड़े सकारात्मक आते हैं, तो निकट भविष्य में सोने और चांदी की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। हालांकि भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता जैसी परिस्थितियां अभी भी कीमती धातुओं को समर्थन दे सकती हैं।

