अकोला जिले की पुलिस ने नकली और प्रतिबंधित गुटखा बनाने, सप्लाई और बिक्री के मामले में गौरव शर्मा को गिरफ्तार किया है। जांच में उसका अवैध गुटखा निर्माण और सप्लाई नेटवर्क से सीधा संबंध सामने आया है। पुलिस अब निर्माण से लेकर वितरण तक पूरी सप्लाई चेन की जांच कर रही है।
अवैध रूप से गुटखा निर्माण का आरोप
अकोला के बलोदे लेआउट, हिंगणा फाटा निवासी गौरव शर्मा को खदान पुलिस थाने में दर्ज मामले की जांच के बाद गिरफ्तार किया गया। करीब दो माह पहले अन्न सुरक्षा एवं मानक अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। जांच के दौरान गौरव शर्मा की भूमिका सामने आई।
एमआईडीसी पुलिस थाने की सीमा में स्थानीय अपराध शाखा और अन्न एवं औषधि प्रशासन विभाग की कार्रवाई के दौरान भी सामने आया कि गौरव शर्मा कथित तौर पर अवैध रूप से गुटखा निर्माण के कारखाने चला रहा था।
इन कारखानों से प्रतिबंधित गुटखा, कच्चा माल, निर्माण मशीनें, पैकिंग मशीनें और अन्य सामग्री समेत कुल 1।75 करोड़ रुपये का माल जब्त किया गया है। पुलिस के अनुसार, गौरव शर्मा ने खदान मामले के आरोपी गुलशन गुलानी को गुटखा का माल उपलब्ध कराया था। इसके बाद अकोला क्षेत्र में इसकी सप्लाई और बिक्री की जाती थी।
गुटखा की पूरी सप्लाई चेन की जांच
पुलिस अब जांच को केवल अवैध गुटखा निर्माण तक सीमित नहीं रख रही है। निर्माण के बाद माल किन-किन स्थानों तक पहुंचाया गया, सप्लाई और बिक्री में कौन-कौन लोग शामिल थे और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य आर्थिक या व्यावसायिक हित किसके हैं, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
जांच एजेंसियां गुटखा निर्माण से लेकर सप्लाई और वितरण तक पूरी श्रृंखला का पता लगाने में जुटी हैं। पुलिस को उम्मीद है कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और गतिविधियों के बारे में भी जानकारी सामने आ सकती है।
पुलिस की कार्रवाई में कई अधिकारी शामिल
पुलिस तफ्तीश के दौरान मिले दस्तावेज, जब्त माल और अन्य सबूतों के आधार पर गौरव शर्मा की भूमिका स्पष्ट हुई। इसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अर्चित चांडक, अपर पुलिस अधीक्षक बी। चंद्रकांत रेड्डी और एसडीपीओ सुदर्शन पाटिल के मार्गदर्शन में की गई।
कार्रवाई में एलसीबी के पुलिस निरीक्षक नितिन लेव्हरकर, खदान पुलिस निरीक्षक मनोज केदारे, पीएसआई मयूरी सावंत, दिनकर धुरंदर, भूषण मोरे, आकाश राठोड, शिवकुमार दुबे और गजानन अंभोरे शामिल रहे।
पुलिस अब मामले में जब्त सामग्री, दस्तावेजों और सामने आए आरोपों के आधार पर अवैध गुटखा कारोबार के पूरे नेटवर्क की आगे जांच कर रही है।

