सोनम वांगचुक का बड़ा बयान, बोले- अभिजीत दीपके में राजनीतिक महत्वाकांक्षा दिखती है, इसमें कुछ गलत नहीं

Thecity news
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लद्दाख के शिक्षाविद् और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने एक पॉडकास्ट में कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके को लेकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि उनके अनुभव के आधार पर ऐसा लगता है कि अभिजीत दीपके राजनीतिक महत्वाकांक्षा के साथ काम कर रहे हैं, हालांकि उन्होंने खुद ऐसी कोई बात नहीं कही है।

सोनम वांगचुक ने कहा कि अगर यह कहा जाए कि अभिजीत दीपके एक राजनीतिक महत्वाकांक्षा के साथ काम कर रहे हैं, तो इसमें कुछ गलत नहीं होगा। उन्होंने बताया कि शुरुआत में लोग उनसे भी कहते थे कि वह राजनीतिक दल से आए हैं और आम आदमी पार्टी से जुड़े रहे हैं, लेकिन उन्होंने इसे कभी बड़ा मुद्दा नहीं बनाया।

वांगचुक ने कहा कि किसी व्यक्ति के अतीत में क्या हुआ है या उसका किसी राजनीतिक दल से जुड़ाव रहा है, यह अपने आप में गलत बात नहीं है। उनके मुताबिक, किसी के पिछले राजनीतिक जुड़ाव को लेकर पूर्वाग्रह रखना उचित नहीं है।

अभिजीत दीपके को लेकर क्या बोले सोनम वांगचुक?

सोनम वांगचुक ने कहा कि जहां तक अभिजीत दीपके की राजनीतिक महत्वाकांक्षा का सवाल है, तो उन्होंने काफी परख के बाद ऐसा महसूस किया है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक महत्वाकांक्षा होना कोई गलत बात नहीं है।

वांगचुक ने स्पष्ट किया कि अभिजीत दीपके ने खुद ऐसी कोई बात नहीं कही है, लेकिन अपने अनुभव के आधार पर उन्हें लगता है कि उनके भीतर राजनीतिक महत्वाकांक्षा है।

क्या सीजेपी के फॉलोअर्स विदेशी हैं?

सोनम वांगचुक ने कॉकरोच जनता पार्टी के फॉलोअर्स को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने अमेरिका, पाकिस्तान और बांग्लादेश से सीजेपी के फॉलोअर्स होने के दावों का जिक्र करते हुए कहा कि लद्दाख प्रशासन ने भी पहले पाकिस्तान और बांग्लादेश से फॉलोअर्स होने को लेकर आगाह किया था।

वांगचुक ने बताया कि जब उन्होंने सीजेपी के फॉलोअर्स का डेटा विश्लेषण किया तो सामने आया कि 94 फीसदी फॉलोअर्स भारत से हैं, जबकि बाकी 6 फीसदी विदेशों से हैं।

उन्होंने कहा कि अगर यह आंकड़ा 70 फीसदी भारत और 30 फीसदी विदेश का होता, तो शायद वह सीजेपी का समर्थन करने को लेकर सोचने पर मजबूर होते। लेकिन उनके विश्लेषण के मुताबिक, बड़ी संख्या में फॉलोअर्स भारत से ही हैं।

करीब दो महीने चला था छात्र आंदोलन

कॉकरोच जनता पार्टी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर करीब दो महीने तक विरोध प्रदर्शन किया था। सोनम वांगचुक भी इस आंदोलन के दौरान इन युवाओं के साथ सक्रिय रूप से जुड़े थे।

इसी आंदोलन और सीजेपी की गतिविधियों को लेकर अभिजीत दीपके की भूमिका तथा संगठन की राजनीतिक दिशा पर चर्चा के बीच सोनम वांगचुक ने यह बयान दिया है।

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